समाचार गढ़ 1 मई 2026। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मतगणना से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (ज्डब्) ने गुरुवार देर रात म्टड स्ट्रॉन्ग रूम को बिना सूचना खोले जाने और संदिग्ध लोगों की मौजूदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसको लेकर पार्टी नेताओं और समर्थकों ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामला तब और तूल पकड़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित म्टड स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और करीब चार घंटे तक अंदर रहीं। देर रात बाहर निकलकर उन्होंने कहा कि यदि म्टड से छेड़छाड़ या मतगणना में हेरफेर की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेगी।
दरअसल, विवाद की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसे ज्डब् ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ग् पर साझा किया। पार्टी का दावा है कि वीडियो में चुनाव आयोग के अधिकारी कुछ अन्य लोगों के साथ बैलेट बॉक्स खोलते नजर आ रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वहां केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई की जा रही थी और सभी म्टड पूरी तरह सुरक्षित हैं।
ज्डब् ने अपने आरोपों में कहा है कि बिना अधिकृत पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट बॉक्स खोले जा रहे थे, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भवानीपुर से पार्टी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि जब मुख्यमंत्री स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूद थीं, तब भाजपा के चुनाव एजेंट भी वहां निगरानी के लिए मौजूद थे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता होने नहीं दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कोलकाता में एक हाई-लेवल बैठक बुलाई है, जिसमें मतगणना की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े नेता अपने फीडबैक और रिपोर्ट साझा करेंगे।
मतगणना से पहले उठे इन आरोप-प्रत्यारोपों ने राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है और अब सभी की नजरें चुनाव परिणामों के साथ-साथ प्रशासन की निष्पक्षता पर भी टिकी हुई हैं।
















