Nature Nature

राजस्थान के अस्पतालों में टाईमिंग बदलाव को लेकर सीएमएचओ ने दी सफाई

Nature

समाचार गढ़। राजस्थान के सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ समेत मेडिकल से जुड़े अन्य ऑफिसों में काम करने वाले डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य कर्मचारियों की वर्किंग टाइम में बदलाव किया गया है। इन सभी को सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक काम करना होगा। इस आदेश को लेकर लोगों में काफी कंफ्यूजन भी शुरू हो गया है। लोगों में चर्चा है कि अब पीएचसी, सीएचसी और दूसरे सरकारी अस्पतालों में ओपीडी समय अब सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक हो गया, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। ओपीडी का समय सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक ही रहेगा।

दरअसल, पिछले कुछ समय से शिकायत मिल रही थी कि इन ऑफिसों में काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारी निर्धारित समय से पहले ड्यूटी से छोड़कर चले जाते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी काम के लिए शाम 4 बजे या 5 बजे पीएचसी, सीएचसी या सरकारी हॉस्पिटल पहुंचते हैं तो स्टाफ नहीं मिलता। इस कारण उनको अपने काम के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं।

इसको देखते हुए मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने इन सभी स्टाफ के लिए एक आदेश जारी करते हुए, इन्हें सुबह 9:30 से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रहने और इस बीच 1:30 से 2 बजे तक लंच का समय निर्धारित किया है। इस दौरान अगर कोई स्टाफ या कर्मचारी गायब रहा या बिना स्वीकृति के ऑफिस छोड़कर गया तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

ये केवल ऑफिस में काम करने वाले स्टाफ के लिए आदेश
जयपुर सीएमएचओ डॉ. विजय सिंह फौजदार ने बताया कि इस आदेश को लेकर कोई गफलत नहीं है। ये आदेश पीएचसी, सीएचसी या हॉस्पिटल में ओपीडी की टाइमिंग को लेकर बिल्कुल नहीं है।

बिना बताए छुट्टी पर जाने वालों पर होगा एक्शन
टाइम पर ऑफिस आने के साथ ही विभाग ने कर्मचारियों-अधिकारियों को बिना बताए अवकाश पर जाने पर भी सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है। आदेशों में स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी अपने विभाग के सक्षम अधिकारी से बिना स्वीकृति के अवकाश पर जाता है तो उस पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

बायोमेट्रिक और रजिस्टर दोनों में हाजिरी लगाना जरूरी

कर्मचारियों-अधिकारियों को ऑफिस आने के बाद और ऑफिस छोड़ने से पहले दोनों समय रजिस्टर के साथ बायोमेट्रिक हाजिरी भी लगाना अनिवार्य होगा। इसके लिए सभी संस्था के प्रमुखों को अपने-अपने ऑफिसों में बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। अगर निरीक्षण के दौरान किसी ऑफिस में बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम नहीं मिलता है तो प्रभारी अधिकारी इसका जिम्मेदार होगा।

Related Posts

4000 से ज्यादा मतदाताओं वाली पंचायतों में बढ़ेगी चुनौती, रातभर जागकर मतपत्रों पर नाम लिखेंगे मतदानकर्मी

समाचार गढ़, 9 अक्टूबर 2026| राजस्थान के झुंझुनूं जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार मतदानकर्मियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। जिले में तीन…

Rajasthan Panchayat Election 2026: नामांकन फॉर्म में एक गलती से रद्द हो सकता है पर्चा, सुधार का मिलेगा मौका; चरित्र प्रमाण पत्र जरूरी नहीं

समाचार गढ़, 9 अक्टूबर 2026| राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के पंच और सरपंच पदों के आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

4000 से ज्यादा मतदाताओं वाली पंचायतों में बढ़ेगी चुनौती, रातभर जागकर मतपत्रों पर नाम लिखेंगे मतदानकर्मी

4000 से ज्यादा मतदाताओं वाली पंचायतों में बढ़ेगी चुनौती, रातभर जागकर मतपत्रों पर नाम लिखेंगे मतदानकर्मी

Rajasthan Panchayat Election 2026: नामांकन फॉर्म में एक गलती से रद्द हो सकता है पर्चा, सुधार का मिलेगा मौका; चरित्र प्रमाण पत्र जरूरी नहीं

Rajasthan Panchayat Election 2026: नामांकन फॉर्म में एक गलती से रद्द हो सकता है पर्चा, सुधार का मिलेगा मौका; चरित्र प्रमाण पत्र जरूरी नहीं

माता-पिता ने पूरी जिंदगी बच्चों पर लुटाई, अब अंतिम विदाई को भी तरस रहीं अस्थियां!

माता-पिता ने पूरी जिंदगी बच्चों पर लुटाई, अब अंतिम विदाई को भी तरस रहीं अस्थियां!

Rajasthan News: अमावस्या की रात से 24 घंटे खुलेंगे करणी माता मंदिर के पट, दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

Rajasthan News: अमावस्या की रात से 24 घंटे खुलेंगे करणी माता मंदिर के पट, दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

Pakistan Balochistan Crisis: क्या हाथ से निकल रहा बलूचिस्तान? रिटायर्ड जवानों को वापस बुलाने का आदेश

Pakistan Balochistan Crisis: क्या हाथ से निकल रहा बलूचिस्तान? रिटायर्ड जवानों को वापस बुलाने का आदेश

Nagaur News: 600 रुपये का सुरमा आंखों के लिए बना मुसीबत? मोतियाबिंद से लेकर चश्मे का नंबर घटाने तक के दावे

Nagaur News: 600 रुपये का सुरमा आंखों के लिए बना मुसीबत? मोतियाबिंद से लेकर चश्मे का नंबर घटाने तक के दावे
Social Media Buttons
error: Content is protected !!
Verified by MonsterInsights