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शरीर की जकड़न दूर होगी और जोड़ों के दर्द से भी मिलेगी राहत, बस रोजाना करने होंगे ये सिंपल योगासन

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समाचार गढ़, 2 दिसम्बर। योग न सिर्फ शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि ये जोड़ों के दर्द से निपटने में भी एक असरदार तरीका है। योगासन न केवल मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं बल्कि जोड़ों में लचीलापन भी बढ़ाते हैं, जिससे दर्द कम होता है। चाहे आप गठिया, फाइब्रोमायल्गिया या उम्र के साथ होने वाले जोड़ों के दर्द से परेशान हों, योग आपके लिए एक कारगर उपचार (Reduce Joint Pain) हो सकता है। आइए, इस आर्टिकल में हम योग और जोड़ों के दर्द के बीच के कनेक्शन और विभिन्न प्रकार के योगासनों (Yoga For Joint Pain) के बारे में विस्तार से जानेंगे जो आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

क्यों होता है जोड़ों का दर्द?

सबसे पहले, हमें यह समझना चाहिए कि जोड़ों का दर्द क्यों होता है। सूजन, जोड़ों का खराब होना और मांसपेशियों का असंतुलन इसके मुख्य कारण हैं। योग इन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह हमारे शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है, सूजन कम करता है और शरीर को बैलेंस रखता है। योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।

जोड़ों के लिए फायदेमंद है यह योगासन

रिस्टोरेटिव योग, सूजन को कम करने तनाव दूर करने और शरीर की मरम्मत में बेहद प्रभावी है। इस तरह के योग में कंबल और बोल्स्टर जैसे प्रॉप्स का इस्तेमाल करके लंबे समय तक आसन में रहना शामिल है। ये प्रॉप्स शरीर को पूरी तरह से सपोर्ट करते हैं, जिससे आप हर आसन में गहराई से आराम कर सकते हैं। चाइल्ड पोज जैसे आसन रीढ़ की हड्डी को आराम देते हैं, जबकि सपोर्टेड ब्रिज पोज ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। क्या आप सूजन और तनाव से छुटकारा पाना चाहते हैं? रिस्टोरेटिव योग आपके लिए एक बेहद आसान और असरदार योगासन साबित हो सकता है।

हठ योग से मिलेंगे ढेरों फायदे

हठ योग एक विशेष प्रकार का योग है जो जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। हठ योग में किए जाने वाले आसन जोड़ों में लचीलेपन को बढ़ाते हैं, जोड़ों को मजबूत बनाते हैं और जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। इससे जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है और दर्द कम होता है। ताड़ासन, उत्तानासन, सलाभासन और धनुरासन जैसे आसन जोड़ों के दर्द में खासतौर से फायदेमंद होते हैं। ये आसन न सिर्फ जोड़ों को मजबूत बनाते हैं बल्कि बॉडी पोश्चर को भी सुधारते हैं।

विन्यासा योग से बढ़ेगी फ्लेक्सिबिलिटी

विन्यास योग जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में एक असरदार तरीका हो सकता है। यह जोड़ों की मूवमेंट को बढ़ाकर चलना और डेली एक्टिविटीज को आसान बनाता है। विन्यासा योग की गति और प्रवाह जोड़ों को लचीला बनाकर उन्हें कम कठोर बनाते हैं। हालांकि, जोड़ों के दर्द के साथ योग करते समय अपने शरीर की जरूरत और कमजोरियों को समझना बहुत जरूरी है। खासतौर से अगर आपको गठिया जैसी कोई बीमारी है, तो योग अभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजिकल थेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित होगा।

Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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