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अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह 21 फरवरी को, राजस्थानीः लोक सूं ‘लाइक’ तांई विषय पर होगी चर्चा

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अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह 21 फरवरी को
राजस्थानीः लोक सूं ‘लाइक’ तांई विषय पर होगी चर्चा।
तेजसिंह जोधा, कृष्णा कुमारी, प्रेम और पूर्ण शर्मा ‘पूरण’ को किया जाएगा पुरस्कृत।

समाचार गढ़, बीकानेर। मरूभूमि शोध संस्थान, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस समारोह पूर्वक मनाया जायेगा। 21 फरवरी को हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडॅंूगरगढ़ के संस्कृति भवन में प्रातः 10 बजे आयोज्य समारोह की जानकारी साझा करते हुए संस्थान के निदेशक साहित्यकार-शिक्षाविद प्रो. भंवर भादानी ने बताया कि आयोज्य समारोह में राजस्थानी के लोक से सोशियल मीडिया के पसंदीदा उपक्रम ‘लाइक’ तक के सफर पर विद्वानों द्वारा विमर्श किया जाएगा। इकाई के सह सचिव रवि पुरोहित ने आयोजन की रूपरेखा सार्वजनिक करते हुए कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रख्यात कवि श्याम महर्षि की अध्यक्षता में होने वाले इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार-समालोचक डॉ. चेतन स्वामी होंगे। रतननगर वासी एवं हैदराबाद प्रवासी समाजसेवी बसंत हीरावत इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। विषय प्रवर्तन लोकप्रिय साहित्यकार हरीश बी. शर्मा करेंगे।
समारोह समन्वयक साहित्यकार विजय महर्षि के अनुसार इस समारोह में भंवरलाल सम्पतदेवी हीरावत परिवार, रतननगर के सौजन्य से प्रवर्तित महाराणा प्रताप राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार से बीकानेर के विद्वान कवि-आलेाचक-संपादक श्री तेजसिंह जोधा को उनकी सतत राजस्थानी साधना के लिए समादृत किया जायेगा। उल्लेखनीय साहित्यिक सर्जना के लिए प्रति वर्ष अर्पित किया जाने वाला पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार कोटा की शिक्षाविद साहित्यकार डॉ. कृष्णा कुमारी को उनकी काव्य कृति ‘अस्यो छै म्हारो गॉंव’ को घोषित किया गया है। पुरस्कार स्वरूप श्री कविया को 21 हजार रुपए और डॉ. कृष्णा कुमारी को 11 हजार रुपए की नगद राशि अर्पित की जायेगी।
इस अवसर पर श्री सूर्य प्रकाश बिस्सा स्मृति राजस्थानी महिला लेखन सम्मान जयपुर की प्रेम को उनकी औपन्यासिक कृति ‘खाड्डा पार्किंग’ और कला-डूंगर कल्याणी स्मृति राजस्थानी बाल साहित्य सम्मान रामगढ नोहर के पूर्ण शर्मा ‘पूरण’ को उनकी बाल काव्य कृति ‘बोल म्हारी मच्छी कित्तो पाणी’ के लिए सम्मान अर्पित किया जायेगा और योजना के तहत प्रकाशित कृतियां लोकार्पित की जायेगी।

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