समाचार गढ़, 18 जुलाई 2025 श्रीडूंगरगढ़। बीदासर (जिला चूरू) स्थित गौशाला में गौवंश की दर्दनाक स्थिति को लेकर आज आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी श्रीडूंगरगढ़ श्रीमती उमा मित्तल को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में बीदासर की गौरक्षा टीम ने स्थानीय निवासियों की सूचना पर गौशाला का निरीक्षण किया, जहां का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। सैकड़ों गौवंश मृत अवस्था में पड़े थे, जिनके शव खुले में सड़ते हुए, हड्डियों और चमड़े के रूप में बिखरे हुए थे। कुछ शवों में कीड़े लग चुके थे और जीवित गौमाताएं उसी सड़े गले वातावरण में बदबू और दलदल के बीच जीवन जीने को मजबूर थीं।
जब इस भयावह स्थिति को सोशल मीडिया पर उजागर किया गया और प्रबंधन से सुधार की अपील की गई, तो गौशाला प्रबंधन ने स्थिति सुधारने के बजाय उल्टा निरीक्षण करने वाले गौरक्षकों पर ही मुकदमा दर्ज करवा दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वहां व्यवस्थाएं नहीं बल्कि लापरवाही, संवेदनहीनता और शायद आर्थिक गड़बड़ी तक छिपाई जा रही है।
आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, गौशाला में जीवित गौवंश के लिए समुचित चिकित्सा व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाने वाले गौसेवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में समिति के अध्यक्ष जतन सिंह राजपुरोहित , मनोज डागा, मदन सोनी, कैलाश सारस्वत, प्रवीण पालीवाल, भीखाराम सुथार, मनोज कायल, महावीर लखोटिया व सुशील सुथार मौजूद रहे।
आपणो गांव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति ने यह स्पष्ट किया कि वह हर जगह साथ है जो गौमाता, पशु-पक्षियों और मानवता की सेवा के लिए समर्पित है। बीदासर की स्थिति पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है, और यदि आज आवाज़ नहीं उठाई गई तो कल हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।











