समाचार गढ़ 4 सितंबर 2025 श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर
उपखंड का सबसे बड़ा गाँव मोमासर आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। पिछले 15 वर्षों से आडसर से मोमासर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के जोरावरपुरा फांटा तक की मुख्य सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि गाँव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
गाँव में स्थित राजकीय महाविद्यालय और राजकीय अस्पताल, जो लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र के विद्यार्थियों और मरीजों को कवर करते हैं, वहाँ पहुँचना ग्रामीणों के लिए दूभर हो गया है। एम्बुलेंस सेवाएँ भी समय पर नहीं पहुँच पातीं, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा
मोमासर के ग्रामीणों और सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने मंगलवार को बीकानेर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन जाम करने को बाध्य होंगे।

युवा नेता बीरबल पूनिया ने कहा, “मोमासर जैसे बड़े गाँव को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखना सरकार की लापरवाही है। अब ग्रामीण और युवा एकजुट होकर अपनी हक की लड़ाई लड़ेंगे। यदि समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो हम चुप नहीं बैठेंगे।”
ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी
इस मौके पर गोपाल गोदारा, केशराराम गोदारा, हुलास मेघवाल, धन्नाराम गोदारा, सांवरमल बरोड़, विजयपाल भम्मू, परहलाद भाम्मु, ओमप्रकाश भाम्मू, राकेश भाम्मू, लक्ष्मण पूनियां, गोपी गोदारा, गोपाल सारण, टोडाराम भामू, भैराराम धेतरवाल, नारायण सिंह, शंकर गोदारा, परभूराम गोदारा, दुलाराम पूनियां, रामप्रताप गोदारा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

नेताओं ने भी जताया आक्रोश
संघर्ष समिति के मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
CPI(M) के जिला सचिव सुंदर बेनीवाल,RLP के विवेक मचरा,कांग्रेस के प्रदेश सचिव रामनिवास कुकना,महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव नीरू चौधरी,SFI नेता गौरव टाडा
सभी ने ग्रामीणों की आवाज को मजबूत करते हुए सड़क निर्माण की माँग को उचित ठहराया।











