श्रीडूंगरगढ़ में बायोमेडिकल कचरे पर प्रशासन सख्त, उपखण्ड स्तरीय निगरानी समिति गठित
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। शहर के बाहर स्थित डंपिंग यार्ड में खुले में बायोमेडिकल अपशिष्ट के अनियमित निस्तारण को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट शुभम शरीमी द्वारा शहरी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि बायोमेडिकल कचरे के कारण न केवल जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और निराश्रित गोवंश द्वारा अपशिष्ट निगलने से उनकी असामयिक मृत्यु तक हो रही है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उपखण्ड स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि श्रीडूंगरगढ़ शहरी क्षेत्र में स्थित सभी सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सा संस्थानों, लैब्स और मेडिकल स्टोरों में बायोमेडिकल अपशिष्ट निस्तारण की संयुक्त जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपखण्ड अधिकारी को प्रस्तुत की जाए।
निगरानी समिति में शामिल अधिकारी—
- तहसीलदार, श्रीडूंगरगढ़ – अध्यक्ष
- ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्रीडूंगरगढ़ – सदस्य सचिव
- अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका श्रीडूंगरगढ़ – सदस्य
- थानाधिकारी, पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ – सदस्य
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सा संस्थानों को बायोमेडिकल अपशिष्ट का पृथक्करण, संग्रहण, उपचार एवं सुरक्षित निपटान पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य संक्रमण की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण और गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब आने वाले दिनों में जांच के बाद जिम्मेदार संस्थानों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।











