समाचार गढ़ 3 मार्च 2026। इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव और जंग की आशंकाओं का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। एशियाई बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा, लेकिन निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। कोस्पी करीब 4% की भारी गिरावट के साथ लुढ़क गया, जबकि निक्केई 225 भी निचले स्तर पर कारोबार करता नजर आया। चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में फ्लैट ट्रेडिंग रही, जिससे निवेशकों की सतर्क रणनीति झलकती है।
इधर होली के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद हैं, लेकिन उससे पहले भारी गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 1048 अंक गिरकर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों ने 2 मार्च को 3,295 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 8,593 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते एनर्जी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में बाजारों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।



















