समाचार गढ़ 9 मार्च 2026। जयपुर की श्याम नगर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह के तीन बदमाशों को सोमवार दोपहर अरेस्ट किया है। साइबर क्रिमिनर्ल्स मलेशिया में माइनिंग सर्वर रुम का वीडियो दिखाकर मोटे प्रॉफिट लालच देने की कहकर बिटकाईन इनवेस्ट में फांसते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से विदेशी करेंसी व करेंसी काउंटिंग मशीन बरामद की है। पूछताछ में गिरोह के पकड़े गए बदमाशों ने 244 लोगों को मेंबर बनाकर 10 करोड़ रुपए वसूलना स्वीकार किया है।
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया- फ्रॉड में आरोपी अविनाश शर्मा (29) निवासी हनुमान वाटिका आमेर, जितेन्द्र सिंह (46) निवासी ऑफिसर कॉलोनी कनकपुरा करधनी और चमन सिंह (52) निवासी शेखावटी नगर रोड नंबर-14 हरमाड़ा को अरेस्ट किया गया है। जिनके कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई करेन्सी (रिन्गिट), 40 यूएई की करेन्सी, (दिरहम), एक लैपटॉप, 04 मोबाइल व 1 करेन्सी काउन्टिंग मशीन बरामद की गई है।
पुलिस को मिली फ्रॉड की शिकायत
श्याम नगर स्थित पंचशील कॉलोनी निवासी दिलीप सिंह राजावत (39) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायत में बताया- पिछले 5 महीने पहले आरोपी अविनाश शर्मा, दिनेश पाराशर व चमन सिंह ने bitmine.world के नाम से इंटरनेशनल कंपनी के मल्टी लेवर/नेटवर्क मार्केटिंग प्लान के बारे में बताया था। निवेश करने पर अधिकतम 16 प्रतिशत मासिक आय का प्रॉफिट का लालच दिया। खुद ने भी लाखों रुपए कंपनी में इनवेस्ट होने के बारे में बताया। आगे मेंबर जोड़ने पर रेफरल बोनस 5 यूएसडीटी देने की कहा गया। बातों में आकर 2.27 हजार रुपए लगा दिया। शक होने पर रुपए मांगने पर लौटाने से मना कर दिया।
पकड़ने पर किए चौकाने वाले खुलासे
पुलिस की ओर से साइबर सेल (साउथ) के हेड कॉन्स्टेबल लोकेश कुमार की मदद से क्रिमिनर्ल्स का पता लगाया गया। एसएचओ (श्याम नगर) दलबीर सिंह और डीएसटी प्रभारी विश्म्भर की टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को धर-दबोचा। पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों से हुए खुलासे चौकाने वाले थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अविनाश के साथ अन्य आरोपी बैंगलोर निवासी युनुस खान और दिनेश पाराशर शामिल है। साइबर फ्रॉड का गैंग बैंगलोर से ऑपरेट हो रहा है। मलेशिया में अविनाश की आईडी बनवाई गई। गैंग का सरगना अविनाश शर्मा नकद राशि से USDT खरीदकर मलेशिया भेजता था।
मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रुम का वीडियो दिखाकर इनवेस्ट की रकम का 16 प्रतिशत प्रॉफिट देने की कहकर लोगों को फांसता था। अविनाश की दो आईडी में करीब 1.98 करोड़ डॉलर का आना-जाना हुआ। अभी तक जांच में 244 लोगों को मेंबर बनाकर करीब 10 करोड़ रुपए की रकम ऐंठना सामने आया है। प्रकरण दर्ज होने पर सर्वर डाउन करते हुए लोगों को आउट कर दिया। गैंग से मिले बैंक अकाउंट्स के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर पोर्टल पर 7 शिकायत दर्ज मिली है।











