सांगरी तोड़ते हुए पेड़ से गिरकर घायल हुए किसान की हुई मौत।
समाचार गढ़। सांगरी तोड़ते हुए पेड़ से गिरकर घायल हुए एक किसान की मौत हो गई है। बज्जू थाना क्षेत्र के गांव चाडासर निवासी 45 वर्षीय प्रेमाराम पुत्र रामेश्वर नायक 13 अप्रैल को गिराजसर की रोही में स्थित अपने खेत में खेजड़ी के पेड़ पर चढ़कर सांगरी तोड़ रहा था। तभी वह नीचे गिर गया और गंभीर घायल हो गया। ईलाज के दौरान उसने शुक्रवार शाम को दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र मनीष ने पुलिस को रिपोर्ट दी और पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
खेत में करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हुई।
समाचार गढ़। पूगल थाना क्षेत्र में भुट्टों का कुआं निवासी एक युवक की अपने खेत में काम करते हुए करंट की चपेट में आ जाने से मौत हो गई है। रेंवतसिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई 35 वर्षीय अनोपसिंह शुक्रवार रात खेत में काम करने कर रहा था। रात करीब 8.15 बजे वह बिजली के तार के संपर्क में आ गया और करंट लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भाई की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर ली व मामले की जांच थानाधिकारी समरवीर करेंगे।
गैंगरेप, पॉक्सो, दहेज हत्या में जांच अधिकारी को स्वयं जाना होगा मौके पर।
समाचार गढ़। शुक्रवार को रेंज आईजी ओमप्रकाश ने की महिला अपराधों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए गैंगरेप, पॉक्सो व दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच अधिकारी न केवल सुपरविजन करेंगे, बल्कि खुद घटना स्थल पर जाकर मौका मुआयना करेंगे और सुपरविजन नोट जारी करेंगे। बैठक में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमेन (सीकाउ) के प्रभारी शामिल हुए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखविंद्र पाल सिंह (बीकानेर रेंज), नीलम चौधरी (श्रीगंगानगर), सतपाल (चूरू) सहित बीकानेर डीवाईएसपी संजीव चौहान ने मौजूद रहें। आईजी ने ईंट भट्टों पर काम करने वाले बाल मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए नियोक्ताओं के खिलाफ बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही करने को कहा है। एससी एसटी और महिला अत्याचार के मामलों में निष्पक्ष और जल्द जांच के निर्देश दिए गए। शहर में महिला सुरक्षा के लिए तैनात कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की कार्यक्षमता बढ़ाने, केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिए गए प्रकरणों का न्यायिक निर्णय आने तक लगातार पर्यवेक्षण करने, महिला अत्याचार के गंभीर मामलों का निस्तारण निर्धारित दो माह में करने के निर्देश दिए गए। जांच में देरी होती है, तो संबंधित प्रभारी को अपनी टिप्पणी के साथ फाइल पेंडिंग रखने की अनुमति के लिए एडीजी (सिविल राइट्स) जयपुर से अनुमति लेनी होगी। आईजी ने यह भी साफ किया कि सिकाउ प्रकोष्ठ के कार्मिकों को विशेष परिस्थितियों के अलावा सामान्य कानून व्यवस्था की ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा।














