समाचार गढ़ 10 मार्च 2026। देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया संशोधित आदेश जारी करते हुए सभी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को C3–C4 स्ट्रीम से अधिकतम एलपीजी उत्पादन करने के निर्देश दिए हैं।
नए आदेश के मुताबिक प्रोपेन, ब्यूटेन, प्रोपिलीन और ब्यूटीन्स जैसे तत्वों का उपयोग फिलहाल पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने में नहीं किया जा सकेगा। इनसे बनने वाली पूरी एलपीजी को केवल तीन सरकारी तेल कंपनियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। आदेश का उल्लंघन करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
युद्ध का असर: कमर्शियल सिलेंडर पर संकट
खाड़ी देशों में जारी तनाव और युद्ध के असर अब आम लोगों तक पहुंचने लगे हैं। हाल ही में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सप्लाई को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है। राजस्थान में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग और सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
शादी-ब्याह और कारोबार पर असर
राज्य में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, ऐसे में कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद होने से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में अक्षय तृतीया और रामनवमी जैसे बड़े सावे भी हैं, जिससे मांग और बढ़ने की संभावना है।
कमर्शियल सिलेंडर की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और मिठाई की दुकानों पर भी पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार राजस्थान में प्रतिदिन करीब 35 हजार 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे कारोबार प्रभावित हो सकते हैं।










