समाचार गढ़ 11 मार्च 2026, जयपुर। राजस्थान सरकार गौ संरक्षण और पशुपालकों के हितों को मजबूत करने के लिए जल्द ही ‘गौ सेवा नीति-2026’ लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस नई नीति की घोषणा करते हुए कहा कि इसके जरिए राज्य में गौ सेवा, गौ संवर्धन और पशुधन विकास को नई गति दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल गौ कल्याण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। नीति के माध्यम से गोधन के संरक्षण और पशुपालकों को अधिक सुविधाएं देने पर विशेष जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच को आगे बढ़ा रही है, जिसमें किसान, महिला, युवा और मजदूर—इन चार वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। नई गौ सेवा नीति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
पशुपालकों के लिए पहले से चल रही कई योजनाएं
राज्य सरकार पहले से ही पशुपालकों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा और सहारा मिल रहा है।
इसके अलावा पंजीकृत गौशालाओं में गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार अनुदान भी दे रही है। वर्तमान व्यवस्था के तहत बड़े पशु के लिए प्रतिदिन 50 रुपये और छोटे पशु के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता राशि दी जा रही है, जो गौशालाओं के संचालन और पशुओं की देखभाल में मददगार साबित हो रही है।
सरकार का कहना है कि आने वाली गौ सेवा नीति-2026 के लागू होने के बाद गौ संरक्षण, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।










