समाचार गढ़ 11 मार्च 2026। 19 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी। भारत के अलग-अलग राज्यों में इसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटीचंड आदि नामों से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए यह तिथि बेहद शुभ और पवित्र मानी जाती है।
इसी दिन से पूरे वर्ष के व्रत, त्योहार और धार्मिक कार्यक्रमों का नया क्रम शुरू होता है। वर्ष 2026 में शुरू होने वाले इस नए संवत्सर को ‘रौद्र संवत्सर’ कहा जाएगा। इस वर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे।
विक्रम संवत 2083 में कुल 13 महीने होंगे। ऐसा अधिक मास के कारण होगा। इस वर्ष ज्येष्ठ मास दो बार आएगा, जिससे साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाएगा। इस अतिरिक्त महीने को मलमास, अधिक मास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है।










