समाचार गढ़ 30 जून 2026। डीडवाना-कुचामन के नावा उप जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह अस्पताल खुलते ही अव्यवस्थाओं का मामला सामने आया। सुबह करीब 8 बजे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसी दौरान एक्स-रे विभाग में कार्यरत एक रेडियोग्राफर के मरीजों को देखने, चिकित्सकीय परामर्श देने और दवाइयां लिखने के आरोप लगे हैं। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश देने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल खुलने के समय बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे, लेकिन काफी देर तक कोई चिकित्सक उपलब्ध नहीं था। मरीजों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा। इसी बीच एक्स-रे विभाग में कार्यरत रेडियोग्राफर बाबूलाल कुमावत चिकित्सा प्रभारी के कक्ष में बैठकर मरीजों की समस्याएं सुनते, जांच करते और उपचार संबंधी सलाह देते दिखाई दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि रेडियोग्राफर ने कुछ मरीजों की पर्चियों पर दवाइयां भी लिखीं तथा डॉक्टर के स्थान पर स्वयं हस्ताक्षर किए। मरीजों का कहना है कि जब अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, तब गैर-अधिकृत कर्मचारी द्वारा मरीजों को देखना गंभीर लापरवाही का मामला है और इससे मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं।
मामले पर अस्पताल के पीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि वे कार्यालय संबंधी कार्य के कारण कुछ देर से अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार केवल पंजीकृत एवं अधिकृत चिकित्सक ही मरीजों की जांच कर दवा लिख सकते हैं। रेडियोग्राफर या किसी अन्य कर्मचारी को चिकित्सकीय परामर्श देने अथवा दवा लिखने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत चिकित्सकीय कार्य किए जाने की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, आरोपों पर रेडियोग्राफर बाबूलाल कुमावत का कहना है कि उन्होंने केवल आपात स्थिति को देखते हुए मरीजों की तत्काल मदद करने का प्रयास किया। उनका दावा है कि उनका उद्देश्य केवल मरीजों को राहत पहुंचाना था।









