समाचार गढ़ 12 मार्च 2026। राजस्थान में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए गुरुवार को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। इस लॉटरी के जरिए छात्रों की प्रवेश प्राथमिकता तय की गई है। शुरुआत में लॉटरी सुबह 11:30 बजे घोषित की जानी थी, लेकिन बाद में समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया गया। हालांकि दोपहर करीब 1 बजे ही लॉटरी निकाल दी गई और अभिभावकों को सूचना मिलनी शुरू हो गई। अभिभावक अब ई-मित्र के माध्यम से अपने बच्चे का लॉटरी नंबर देख सकते हैं। इस साल पूरे प्रदेश से करीब 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इस बार पीपी-3 प्लस, पीपी-4 प्लस, पीपी-5 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन करते समय अभिभावकों को अधिकतम पांच स्कूल चुनने का विकल्प दिया गया था। इन कक्षाओं में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। नर्सरी कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश होगा, जबकि अन्य कक्षाओं में खाली सीटों के आधार पर बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा।
राज्य में 33 हजार से अधिक निजी स्कूल
यू-डाइस के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में करीब 33,548 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। राज्य में कुल स्कूलों की संख्या एक लाख से अधिक है।
20 फरवरी से शुरू हुए थे आवेदन
शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च रखी गई थी। अब लॉटरी पूरी होने के बाद चयनित छात्रों के प्रवेश की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निजी स्कूल संचालकों ने उठाया फीस का मुद्दा
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाओं की फीस का भुगतान सरकार की ओर से नहीं किया जा रहा है। बीकानेर प्राइवेट स्कूल क्लब के अध्यक्ष मनोज व्यास ने कहा कि फ्री शिक्षा योजना सरकार की है, इसलिए फीस का भुगतान भी सरकार को ही करना चाहिए।
फर्जी दस्तावेज लगाने पर FIR की चेतावनी
इस बार आरटीई में प्रवेश के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने वालों के खिलाफ स्कूल प्रबंधन एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इसी वजह से आवेदन के दौरान पैन कार्ड धारकों से पैन नंबर भी मांगा गया है। यदि आय प्रमाण पत्र गलत पाया गया तो संबंधित अभिभावकों पर कार्रवाई हो सकती है।
बीकानेर में भी बड़ी संख्या में आवेदन
बीकानेर जिले में भी आरटीई सीटों पर प्रवेश के लिए हजारों अभिभावकों ने आवेदन किया है। लॉटरी के बाद चयनित विद्यार्थियों को तय निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।
ऐसे पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया
लॉटरी के बाद अभिभावकों को यह जानकारी दी गई है कि जिन पांच स्कूलों का चयन किया गया था, उनमें बच्चे की प्राथमिकता क्या है। अभिभावकों को उन स्कूलों में से ऐसे स्कूल का चयन करना होगा जहां प्रवेश की संभावना अधिक हो।
इसके बाद संबंधित स्कूल में जाकर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे। स्कूल प्रबंधन दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। यदि छात्र उसी नगर निगम वार्ड का है जहां स्कूल स्थित है, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य वार्ड के मामलों में आपत्ति दर्ज हो सकती है, जिसे संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर दूर किया जा सकेगा। सभी चयनित विद्यार्थियों की पढ़ाई एक अप्रैल से शुरू होगी।










