भाजपा पंचायत समिति सदस्य के साथ थाने में बदसलूकी, चोरी की शिकायत पर भी देरी का आरोप
समाचार गढ़ 5 अप्रैल 2026। अजमेर जिले के भिनाय थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक भाजपा पंचायत समिति सदस्य ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि चोरी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचने पर उनके साथ थाने में दुर्व्यवहार किया गया और पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
पीड़िता के अनुसार, 23 मार्च को उनके घर में चोरी की वारदात हुई थी, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात, जरूरी दस्तावेज और करीब 7 हजार रुपए नकद चोरी हो गए। जब वे अपने देवर के साथ शिकायत दर्ज कराने भिनाय थाने पहुंचीं, तो वहां तैनात कॉन्स्टेबल हेमसिंह ने उनके साथ बदसलूकी की।
देवर का आरोप है कि कॉन्स्टेबल ने न केवल उनकी भाभी के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें धक्का देकर थाने से बाहर निकाल दिया। इस दौरान कॉन्स्टेबल ने धमकी दी— “बाहर निकल जा, नहीं तो इलाज कर दूंगा।” इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कॉन्स्टेबल और युवक के बीच बहस होती दिखाई दे रही है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और मुकदमा दर्ज करने में भी देरी की। उन्होंने कॉन्स्टेबल के खिलाफ लिखित शिकायत दी है।
मामले में एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा है कि यह घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 21 मार्च 2026 को वे रिश्तेदार के घर गई थीं। 23 मार्च को लौटने पर उन्होंने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और आलमारी का लॉक भी टूटा हुआ था। आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात, जरूरी दस्तावेज और नकदी गायब थी।
चोरी हुए सामान में करीब पांच तोला सोने का हार, डेढ़ तोला के झूमर, दो तोला का रखड़ी-झेला सेट, आधा तोला के टोप्स, तीन तोला का मंगलसूत्र, आधा तोला की अंगूठी और लगभग 300 ग्राम चांदी की दो जोड़ी पायजेब शामिल हैं। इसके अलावा आई-10 कार की आरसी और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज भी चोरी हो गए।
भाजपा महिला नेता ने यह भी आरोप लगाया कि 23 मार्च की सुबह करीब 11 बजे यह वारदात उनके छोटे बेटे के सामने हुई। उनके अनुसार, यह चोरी उनके पति की पहली पत्नी के बेटे ने की है। जब नाबालिग बेटे ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया और चुप करा दिया।
पीड़िता ने बताया कि उनके पति की चार महीने पहले मृत्यु हो चुकी है और आरोपी अलग रह रहा था। आरोपी द्वारा बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे पूरा परिवार भयभीत है। इसी डर के कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई।













