समाचार गढ़ 5 मई 2026 सीकर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर के एसके हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक और एक निजी लैब संचालक को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल (के.के. अग्रवाल) और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल (बी. लाल) शामिल हैं। SOG टीम ने सोमवार सुबह करीब 7 बजे दबिश देकर दोनों को पकड़ा।
इस मामले में तीन महीने पहले मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने RGHS परियोजना निदेशक की अनुशंसा पर हॉस्पिटल अधीक्षक सहित कुल सात डॉक्टरों को सस्पेंड किया था। ये सभी डॉक्टर सीकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल और जिले के विभिन्न PHC-CHC केंद्रों पर तैनात थे।
जांच में क्या सामने आया
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि डॉक्टरों के एक संगठित नेटवर्क ने निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को लाभ पहुंचाने के लिए बिना आवश्यकता के मरीजों की महंगी जांचें लिखीं।
कई मामलों में HbA1c, RA Factor और Procalcitonin जैसी जांचें बिना स्पष्ट चिकित्सीय कारण के करवाई गईं। वहीं कुछ मरीजों के रिकॉर्ड में HbA1c टेस्ट का उल्लेख तो मिला, लेकिन उसकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। ओपीडी स्लिप में भी संबंधित परामर्श का जिक्र नहीं पाया गया।
पहले ही हो चुकी थी कार्रवाई
RGHS की परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल की सिफारिश पर मेडिकल विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद सातों डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। बाद में SOG जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर अब गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है।
SOG का बयान
ADG SOG विशाल बंसल के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी योजना में धोखाधड़ी कर निजी संस्थानों को फायदा पहुंचाने से जुड़ा है। जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।














