NEET-UG अब होगी ऑनलाइन, पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 21 जून को होगा री-एग्जाम
समाचार गढ़, 15 मई 2026। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अगले सत्र से परीक्षा को पूरी तरह ऑनलाइन कराने का ऐलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को कहा कि 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की पुष्टि हुई है, इसलिए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “हम नहीं चाहते थे कि कोई गलत कैंडिडेट चयनित हो जाए। इसी जिम्मेदारी के साथ परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है। अब NEET-UG का री-एग्जाम 21 जून रविवार को आयोजित होगा।”
22.79 लाख छात्र हुए थे शामिल
3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में कराई गई थी। इसके लिए 5400 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा में करीब 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 7 मई को गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद NTA ने सरकार को रिपोर्ट दी और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी पूरी तरह NTA की है।
छात्रों को मिलेगी ये सुविधाएं
* एडमिट कार्ड 14 जून से जारी होंगे।
* परीक्षा में छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
* अभ्यर्थियों को अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने के लिए 7 दिन का समय मिलेगा।
CBI जांच में अब तक 7 गिरफ्तार
पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। सभी को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया गया।
इसके अलावा पुणे से मनीषा वाघमारे और नासिक से धनंजय लोखंडे की भी गिरफ्तारी हुई है।
सीकर तक पहुंचा था पेपर
CBI जांच में सामने आया है कि लीक हुआ पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार छात्रों से पेपर उपलब्ध कराने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए।
जांच एजेंसी को पता चला है कि आरोपी दिनेश बिंवाल ने प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी स्कैन कर PDF तैयार की थी। इसके बाद इसे राजस्थान के सीकर जिले में कुछ कोचिंग सेंटरों से जुड़े छात्रों तक पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि 3 मई की रात सीकर में एक कोचिंग सेंटर शिक्षक और पीजी संचालक के पास मिले वायरल “गेस पेपर” में मूल प्रश्नपत्र के 180 में से 150 सवाल हूबहू मिले थे।
पिछले दो दिनों में क्या हुआ
12 मई
* NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द की।
* मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
* दोबारा परीक्षा कराने का फैसला हुआ।
13 मई
* राजस्थान, बिहार सहित कई राज्यों में CBI की छापेमारी।
* कोचिंग संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ।
* 5 लोगों की गिरफ्तारी।
* FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परीक्षा कराने की मांग की।
14 मई
* गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया।
* जांच में पेपर राजस्थान पहुंचने और पैसों के लेनदेन के इनपुट मिले।
क्या है NTA और NEET
National Testing Agency भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली परीक्षा एजेंसी है, जिसकी स्थापना 2017 में हुई थी। यह NEET, JEE Main, CUET और UGC-NET जैसी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है।
NEET-UG 2026 देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष और नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इसके जरिए देश में 1 लाख से अधिक MBBS और 27 हजार से ज्यादा BDS सीटों पर प्रवेश मिलता है।
2024 में भी हुआ था विवाद
NEET-UG 2024 में भी पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। बिहार और झारखंड में जांच के बाद कई गिरफ्तारियां हुई थीं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, हालांकि तब पूरी परीक्षा रद्द नहीं की गई थी।














