बोले- 1965 युद्ध में पाक को यहां से खदेड़ा, अब ड्रोन नेटवर्क पर रहेगी पैनी नजर
समाचार गढ़ 26 मई 2026 बीकानेर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को भारत-पाक सीमा पर स्थित बीएसएफ की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया। उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।
गृहमंत्री ने कहा कि सांचू पोस्ट को देखने की इच्छा उनके मन में गृहमंत्री बनने से पहले से थी। उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पाकिस्तान ने सांचू पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन 3 आरएसी और 13 ग्रेनेडियर के जवानों ने साहस दिखाते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। जवानों की बहादुरी से सांचू भारत की सीमा में सुरक्षित रहा और पाकिस्तानियों को पीठ दिखाकर भागना पड़ा।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अगले छह महीने में सीमा क्षेत्रों में ड्रोन रोधी संयंत्र लगाने की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन सीमा पार से आता है, लेकिन उसे यहां कौन रिसीव करता है और उसके जरिए आने वाले सामान का उपयोग कौन करता है, इस पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहनी चाहिए। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गृहमंत्री मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हेलिकॉप्टर से सांचू पोस्ट पहुंचे। यहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटे बिताए। भीषण गर्मी और करीब 42 डिग्री तापमान के बीच सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। जवानों के साथ उन्होंने पारंपरिक नाश्ता भी किया।
इस दौरान अमित शाह ने दूरबीन से पाकिस्तान सीमा और जीरो पॉइंट क्षेत्र का अवलोकन किया। सांचू पोस्ट भारत-पाक बॉर्डर की सबसे ऐतिहासिक चौकियों में शामिल मानी जाती है और दो बड़े युद्धों की गवाह रही है। इस पोस्ट पर पहुंचकर जवानों से मुलाकात करने वाले अमित शाह देश के पहले गृहमंत्री बने हैं।

















