समाचार गढ़ 11 जून 2026। राजस्थान की राजनीति में वर्ष 2020 के सियासी संकट को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनके पास यह साबित करने का कोई सबूत है कि उन्होंने सरकार गिराने की साजिश के तहत 10 करोड़ रुपये लिए थे, तो उनका नार्को टेस्ट करवाया जाए।
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले कुछ विधायकों ने सरकार गिराने के लिए 10 करोड़ रुपये अग्रिम राशि ली थी। उस समय बगावत करने वाले नेताओं में शामिल रहे रमेश मीणा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
करौली में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मीणा ने कहा कि जब-जब कांग्रेस मजबूत होने लगती है, तब-तब इस तरह के झूठे और बेबुनियाद आरोप सामने लाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं नार्को टेस्ट कराने को तैयार हैं, लेकिन इसके साथ अशोक गहलोत का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए।
मीणा ने आरोप लगाया कि गहलोत को भी यह बताना चाहिए कि वर्ष 2020 के संकट के दौरान सरकार बचाने के लिए निर्दलीय, बीटीपी और भाजपा विधायकों को कितना पैसा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में दस्तावेज भी मौजूद हैं।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास के सलाहकारों का सही आकलन करना चाहिए और पार्टी के जमीनी एवं ईमानदार कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सचिन पायलट, रमेश मीणा समेत कई कांग्रेस विधायकों ने अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिससे राज्य की कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थी। बाद में पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप से मामला सुलझा और सरकार बच गई। इस घटनाक्रम के बाद सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।









