उद्धव ठाकरे को फिर झटका, 9 में से 6 सांसदों ने बनाई अलग राह
समाचार गढ़ 18 जून 2026 मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना की टूट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट बनाने की मांग करते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंप दिया है। माना जा रहा है कि ये सांसद जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के साथ जा सकते हैं।
बालासाहेब ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित शिवसेना अपने 60 वर्ष के राजनीतिक सफर में कई बार टूट चुकी है। बंदू शिंगरे, छगन भुजबल, नारायण राणे और राज ठाकरे जैसे बड़े नेताओं ने अलग राह चुनी, जबकि 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने पार्टी को दो हिस्सों में बांट दिया था।
शिंदे गुट को चुनाव आयोग से शिवसेना का नाम और तीर-कमान चुनाव चिन्ह मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (यूबीटी) का गठन किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 9 सीटें जीतकर वापसी के संकेत दिए थे, लेकिन अब 6 सांसदों के अलग होने से उद्धव ठाकरे की राजनीतिक चुनौतियां फिर बढ़ गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन को एक बार फिर बदल सकता है और शिवसेना (यूबीटी) के भविष्य पर नए सवाल खड़े कर सकता है।









