समाचार गढ़ 17 जून 2026 भीलवाड़ा। पश्चिमी राजस्थान के बाद अब मेवाड़ क्षेत्र में भी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एमडी (MDMA) ड्रग बनाने की पहली फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
थानाधिकारी स्वागत पांड्या ने बताया कि बिजौलिया क्षेत्र के चंपापुर गांव में पहाड़ियों और जंगलों के बीच संचालित इस अवैध फैक्ट्री पर पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। मौके से मध्यप्रदेश के मंदसौर निवासी वीरेंद्र सिंह (51), नीमच निवासी बहादुर सिंह (43) तथा भीलवाड़ा जिले के भोपतपुरा निवासी बबलू बंजारा (30) को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का मास्टरमाइंड वीरेंद्र सिंह है, जो पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। आरोपियों ने स्थानीय व्यक्ति की मदद से एक मकान मात्र 7 हजार रुपये मासिक किराए पर लिया था। फैक्ट्री की निगरानी और देखभाल के लिए बबलू बंजारा को एक लाख रुपये प्रतिमाह देने का समझौता किया गया था।
पुलिस के अनुसार पिछले एक सप्ताह से यहां ड्रग निर्माण के लिए आवश्यक रासायनिक पदार्थ एकत्र किए जा रहे थे। सोमवार को बड़े स्तर पर मिक्सिंग की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 36 किलोग्राम एमडीएमए, 155 लीटर रासायनिक मिश्रण, 30 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड तथा 8.50 किलोग्राम कास्टिक सोडा बरामद किया। जांच में पता चला कि ड्रग निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में थी और तैयार माल को मध्यप्रदेश के जरिए देशभर में सप्लाई करने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस का अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद 36 किलो एमडी ड्रग की कीमत करीब 36 करोड़ रुपये है, जबकि छोटे पैकेटों में खुदरा बिक्री के बाद इसकी कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं तथा रसायनों की आपूर्ति कहां से की गई थी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।









