समाचार गढ़। देशभर में पेपर लीक मामलों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 21 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेताओं ने भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर सरकार पर निशाना साधा था।
सुरक्षा के मद्देनजर कई मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ सहित कुल 16 मेट्रो स्टेशनों को गुरुवार सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
बुधवार रात छात्रों और पुलिस में हुई झड़प
इससे पहले बुधवार रात जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस स्थित टॉल्स्टॉय मार्ग के पास कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए हैं।
अभी सामान्य अदालतों में होती है सुनवाई
देश में फिलहाल पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती है, जिससे फैसले आने में लंबा समय लग जाता है। यदि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाते हैं तो ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बढ़ेगी।










