समाचार-गढ़ 2 सितंबर, 2026।
बिश्केक: SCO समिट के दौरान बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने दुनिया के ताकतवर देशों का जिक्र करते हुए भारत, चीन और रूस को तीन प्रमुख शक्तियों के तौर पर बताया। खास बात यह रही कि यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में दिया गया और इस सूची में पाकिस्तान का नाम नहीं था।
लुकाशेंको ने इन तीनों देशों को आर्थिक रूप से मजबूत, संसाधनों से संपन्न और परमाणु शक्ति से लैस बताया। उनके इस बयान को भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
शहबाज शरीफ के सामने भारत का नाम
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने बिश्केक में SCO समिट के दौरान कहा कि संगठन में सभी देशों को बराबर माना जाता है, लेकिन दुनिया में तीन बेहद ताकतवर देशों की मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘हम यहां कितने भी बराबर क्यों न हों, हम अब भी मानते हैं कि हमारे पास तीन बहुत ताकतवर देश हैं. पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, भारत और रशियन फेडरेशन. आर्थिक रूप से ताकतवर और रिसोर्स से भरपूर न्यूक्लियर देश.’
इस बयान में भारत का नाम चीन और रूस के साथ लिया गया। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी समिट में मौजूद थे।
भारत की बढ़ती ताकत का संकेत
लुकाशेंको का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत लगातार वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। चीन और रूस जैसे देशों के साथ भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, संसाधन संपन्न और परमाणु शक्ति वाले देशों की श्रेणी में रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा रही है। ऐसे में शहबाज शरीफ की मौजूदगी में भारत का नाम दुनिया के तीन ताकतवर देशों के साथ लिया जाना राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से भी चर्चा का विषय बन गया है।
SCO समिट में कौन-कौन देश हुए शामिल?
SCO के वर्तमान अध्यक्ष देश किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। समिट में SCO के सदस्य देशों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
इनमें बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव शामिल रहे।
इसके अलावा मंगोलिया, अजरबैजान, आर्मेनिया, मिस्र, लाओस, तुर्की और वियतनाम समेत कई देशों के नेता तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया।









