समाचार-गढ़ 2 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: OpenAI ने भारत में ChatGPT के लिए विज्ञापन शुरू करने का फैसला किया है। कंपनी के इस कदम का मकसद अपने revenue sources को बढ़ाना है। अब Free और Go प्लान इस्तेमाल करने वाले वयस्क यूजर्स को उनके सवालों से जुड़े sponsored products और services के विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं।
हालांकि, OpenAI ने स्पष्ट किया है कि ये विज्ञापन ChatGPT के जवाब का हिस्सा नहीं होंगे। इन्हें जवाब के नीचे अलग से Sponsored के रूप में दिखाया जाएगा, ताकि यूजर्स विज्ञापन और AI के जवाब के बीच अंतर आसानी से समझ सकें।
भारत में ChatGPT के Free और Go प्लान के वयस्क यूजर्स को विज्ञापन दिखाई देंगे। वहीं Plus, Pro, Business, Enterprise और Education प्लान के यूजर्स को Ads नहीं दिखाए जाएंगे। 18 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स भी विज्ञापनों से बाहर रहेंगे।
कंपनी ने संवेदनशील विषयों को लेकर भी कुछ सीमाएं तय की हैं। हेल्थ, मेंटल हेल्थ और राजनीति जैसे sensitive और regulated topics से जुड़े सवालों के जवाब के साथ विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा। भारत में ChatGPT Go की कीमत फिलहाल ₹399 प्रति माह है।
इस हफ्ते 50 से ज्यादा ब्रांड्स के विज्ञापन हो सकते हैं लाइव
OpenAI ने भारत में अपने शुरुआती Ads operations के लिए WPP और Omnicom को agency partners बनाया है। कंपनी आने वाले समय में अन्य agencies को भी इस नेटवर्क में शामिल कर सकती है।
OpenAI के अनुसार, भारत में इसी हफ्ते 50 से ज्यादा brands के विज्ञापन ChatGPT पर लाइव होने की उम्मीद है। इसके अलावा 4 सितंबर से ChatGPT Ads Manager का self-serve access भी शुरू किया जाएगा। इसके जरिए businesses खुद अपने विज्ञापन चला सकेंगे। इसके लिए minimum daily spend ₹725 रखा गया है।
OpenAI का कहना है कि advertisers को ChatGPT users का व्यक्तिगत डेटा उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कंपनियों को केवल उनके campaigns से जुड़े आंकड़े, जैसे impressions और clicks, देखने को मिलेंगे।
भारत OpenAI के लिए क्यों है अहम?
भारत ChatGPT का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। फरवरी 2026 तक देश में ChatGPT के weekly users की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा बताई गई थी। वहीं दुनियाभर में ChatGPT के weekly users इस महीने की शुरुआत में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुके हैं।
OpenAI के Global Ads Solutions के Vice President और Head Dave Dugan के मुताबिक, भारत में कंपनी के weekly active users की संख्या सालाना आधार पर दोगुनी हुई है।
कंपनी के अनुसार, भारतीय यूजर्स ChatGPT का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी हासिल करने के लिए नहीं कर रहे, बल्कि अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने और किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले जानकारी जुटाने के लिए भी कर रहे हैं। यही वजह है कि OpenAI को ChatGPT Ads के जरिए खरीदारी या decision-making के समय brands को संभावित customers तक पहुंचाने का बड़ा अवसर दिखाई देता है।
OpenAI क्यों बढ़ा रही है Ads पर निर्भरता?
OpenAI ने जनवरी 2026 में पहली बार ChatGPT में advertising की testing की योजना का ऐलान किया था। कंपनी revenue के नए स्रोत तैयार करना चाहती है, ताकि ChatGPT के लगातार विस्तार और बढ़ती लागत को support किया जा सके।
फरवरी में अमेरिका से advertising pilot शुरू हुआ। OpenAI के मुताबिक, लॉन्च के केवल छह हफ्तों में Ads से होने वाली annualized revenue $100 million से ज्यादा हो गई। इसके बाद कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके, मेक्सिको, ब्राजील, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में भी Ads का विस्तार किया गया। पिछले हफ्ते कंपनी ने जर्मनी, फ्रांस और स्पेन समेत यूरोप के 31 देशों में भी ChatGPT Ads लॉन्च किए।
OpenAI के लिए advertising इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ChatGPT के करोड़ों यूजर्स Free या relatively low-cost plans पर हैं। कंपनी की कमाई बढ़ने के बावजूद उसके खर्च और losses भी काफी बड़े हैं। जून 2026 तिमाही में OpenAI का revenue $5.7 अरब से बढ़कर $6.7 अरब हुआ, लेकिन stock-based compensation को शामिल करने पर operating loss भी $9.3 अरब से बढ़कर $12.3 अरब हो गया।
ऐसे में ChatGPT पर advertising OpenAI के लिए एक बड़ा नया revenue channel बन सकता है—खासकर भारत जैसे तेजी से बढ़ते user market में।









