समाचार-गढ़ 2 सितंबर, 2026।
बीकानेर: नगर निगम चुनाव से पहले बीकानेर कांग्रेस में टिकट और सिंबल को लेकर चल रहा विवाद अब सड़क तक पहुंच गया है। वार्ड नंबर 50 में कांग्रेस प्रत्याशी नवरत्न डागा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मेघवाल के खिलाफ ‘टिकट चोर’ के नारे लगाए। विरोध बढ़ने के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।
टिकट और सिंबल को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्याशियों को टिकट और चुनावी सिंबल दिए जाने को लेकर पहले से नाराजगी बताई जा रही थी। कुछ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी स्तर पर जिन नामों को तय करके सिंबल दिए गए थे, बाद में उनमें बदलाव किया गया।
आरोप यह भी लगाया गया कि शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कथित तौर पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को डुप्लीकेट सिंबल जारी करवाए। इसी मुद्दे को लेकर कुछ कार्यकर्ता लगातार उनके खिलाफ विरोध जता रहे थे।
मेघवाल ने युवक पर लगाया मारपीट का आरोप
मदन गोपाल मेघवाल के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान दीपक अरोड़ा के बेटे ने उन्हें एक तरफ बुलाया। मेघवाल का आरोप है कि युवक ने पहले उन्हें ‘अंकल’ कहकर बुलाया और इसके बाद उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
मेघवाल ने दावा किया कि इस दौरान उनका कुर्ता भी फाड़ दिया गया। उनके अनुसार, आरोपी युवक वार्ड नंबर 50 से कांग्रेस टिकट का दावेदार था। मेघवाल का कहना है कि युवक ने घटना से एक दिन पहले पार्टी प्रत्याशी को समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन अगले दिन कार्यालय उद्घाटन के दौरान विवाद हो गया।
‘टिकट चोर’ के नारों से गरमाया माहौल
डुप्लीकेट सिंबल को लेकर विवाद सामने आने के बाद से ही पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी। बुधवार को जब वार्ड 50 में चुनाव कार्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम हुआ, तो विरोध कर रहे कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।
इसी दौरान मेघवाल के साथ धक्का-मुक्की और कथित मारपीट की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और बढ़ गया है।
चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठनात्मक चुनौती
नगर निगम चुनाव से ठीक पहले टिकट वितरण और सिंबल को लेकर सामने आया यह विवाद कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ाने वाला माना जा रहा है। पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी अब सार्वजनिक विरोध और कथित मारपीट तक पहुंच चुकी है।
ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं के असंतोष को शांत करने और चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता बनाए रखने की होगी।
*देखें पूरा वीडियो-*









