समाचार-गढ़ 3 सितंबर, 2026।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दूसरे दिन दिखाई दिया। गुरुवार के कारोबारी सत्र में शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सका और दिन के अंत में सेंसेक्स करीब 417 अंक टूटकर बंद हुआ। निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार को भी सेंसेक्स में 373.93 अंकों की गिरावट आई थी। यानी दो कारोबारी सत्र में बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।
सेंसेक्स 76,152 और निफ्टी 23,873 पर बंद
गुरुवार को 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं, NSE निफ्टी 41 अंक यानी करीब 0.17 फीसदी फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ।
दिलचस्प बात यह रही कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 278 अंक चढ़कर 76,848.98 के आसपास पहुंच गया था, जबकि निफ्टी भी 23,978.85 के स्तर तक पहुंचा। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली हावी हो गई और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए।
टाइटन सबसे ज्यादा टूटा
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि सिर्फ 7 शेयरों में तेजी रही।
गिरने वाले प्रमुख शेयरों में टाइटन सबसे आगे रहा। कंपनी का शेयर 2.17 फीसदी टूटकर करीब 4,960 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
इसके अलावा:
- ट्रेंट में 1.93 फीसदी गिरावट
- ITC में 1.63 फीसदी गिरावट
- महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.62 फीसदी गिरावट
- बजाज फिनसर्व में 1.61 फीसदी गिरावट
- HCL टेक में 1.55 फीसदी गिरावट
- टेक महिंद्रा में 1.54 फीसदी गिरावट
- सन फार्मा में 1.50 फीसदी गिरावट
- TCS में 1.41 फीसदी गिरावट
- बजाज फाइनेंस में 1.13 फीसदी गिरावट
- इंडिगो में 1.04 फीसदी गिरावट
- इंफोसिस में 0.98 फीसदी गिरावट
- रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.92 फीसदी गिरावट
इसके अलावा भी कई प्रमुख शेयर दबाव में रहे।
इन 7 शेयरों ने संभाला बाजार
गिरावट भरे कारोबार के बीच सेंसेक्स के सिर्फ 7 शेयरों में तेजी देखने को मिली।
एक्सिस बैंक 0.89 फीसदी की बढ़त के साथ 1,266.15 रुपये पर बंद हुआ। वहीं अडानी पोर्ट्स में 0.82 फीसदी, एशियन पेंट्स में 0.53 फीसदी और HDFC बैंक में 0.44 फीसदी की तेजी रही।
इसके अलावा भारती एयरटेल 0.23 फीसदी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) 0.04 फीसदी और टाटा स्टील 0.03 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह क्या?
भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी स्थिति ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
तेल की कीमतों में उछाल आने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर महंगाई और आयात बिल बढ़ने का दबाव बन सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है।
इसके साथ ही ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और उधारी की लागत बढ़ने की चिंता ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से मिली थी शुरुआत में मजबूती
बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार में कुछ समय के लिए खरीदारी लौटी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 2,813 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।
वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से भी करीब 6,688 करोड़ रुपये की खरीदारी दर्ज की गई।
इसी खरीदारी के चलते गुरुवार की शुरुआत में बाजार में तेजी दिखाई दी, लेकिन पश्चिम एशिया से जुड़े जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर बढ़ी चिंता के कारण यह मजबूती ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी।
बुधवार को भी बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। उस दिन कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 76,135.72 और ऊपरी स्तर 76,567.55 रहा था।
दिन के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ था।
वहीं, निफ्टी ने बुधवार को 23,786.80 से 23,910.65 के बीच कारोबार किया और अंत में 141.35 अंक टूटकर 23,914.45 पर बंद हुआ।
इस तरह लगातार दो सत्रों की गिरावट ने एक बार फिर यह दिखाया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाजार पर तेजी से पड़ रहा है।









