समाचार-गढ़ 22 सितंबर, 2026।
BRICS Export: BRICS के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर के बीच भारत के निर्यात को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत के निर्यात में प्रमुख BRICS देशों के साथ तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को भारत का निर्यात इस अवधि में 34 फीसदी बढ़कर 19.9 अरब डॉलर पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 14.9 अरब डॉलर था।
चीन को भारत का निर्यात 39 फीसदी बढ़ा
इन चार प्रमुख BRICS देशों में चीन भारत के निर्यात का सबसे बड़ा बाजार रहा। अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान चीन को भारत का निर्यात करीब 39 फीसदी बढ़कर 9.6 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका को निर्यात में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई, जहां यह 58 फीसदी बढ़ा। ब्राजील और रूस को भारत के निर्यात में क्रमशः 13 फीसदी और 11 फीसदी की वृद्धि हुई।
इस तरह चीन और दक्षिण अफ्रीका ने प्रमुख BRICS बाजारों में भारत के निर्यात की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारत के कुल निर्यात में भी बढ़ी BRICS की हिस्सेदारी
आंकड़ों के मुताबिक, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की भारत के कुल निर्यात में संयुक्त हिस्सेदारी 8.1 फीसदी से बढ़कर 9.2 फीसदी हो गई है। यानी भारत के कुल निर्यात में इन चार प्रमुख BRICS बाजारों का महत्व पहले की तुलना में बढ़ा है।
अप्रैल-अगस्त 2025-26 में इन चार देशों को भारत ने 14.9 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जो चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में बढ़कर 19.9 अरब डॉलर हो गया।
BRICS के साथ बढ़ते व्यापार के क्या मायने?
निर्यात में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत अपने व्यापारिक बाजारों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है। BRICS के बड़े बाजारों में भारतीय सामान की मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए निर्यात अवसर बन सकते हैं।
खास तौर पर चीन को निर्यात में 39 फीसदी की वृद्धि इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि चीन के साथ भारत का व्यापार लंबे समय से आयात-निर्यात के असंतुलन के मुद्दे से जुड़ा रहा है। हालांकि, केवल निर्यात बढ़ने से व्यापार घाटा कम होना तय नहीं है; इसके लिए आयात और निर्यात दोनों के आंकड़ों को साथ देखना जरूरी होगा।
वहीं, BRICS के साथ बढ़ते व्यापार से भारत को अमेरिका समेत किसी एक बड़े बाजार पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए अतिरिक्त बाजार मिल सकते हैं। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि BRICS बाजार अमेरिकी बाजार का सीधा विकल्प बन जाएंगे।
मैन्युफैक्चरिंग और नए बाजारों के लिए अवसर
BRICS देशों में भारत के निर्यात में बढ़ोतरी से इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पादों, धातु और अन्य औद्योगिक वस्तुओं जैसे क्षेत्रों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जापान, इटली और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य बाजारों में भी अप्रैल-अगस्त के दौरान भारत के निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई है।
BRICS का विस्तार होने के साथ भारत के सामने ऊर्जा, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं के क्षेत्र में नए व्यापारिक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की संभावनाएं भी हैं। ऐसे में प्रमुख BRICS देशों को निर्यात में हुई 34 फीसदी की वृद्धि भारत के बदलते निर्यात बाजार की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करती है।








