समाचार-गढ़ 5 अक्टूबर, 2026।
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव और सरकारी स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं की तारीखें आसपास आने से शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। एक तरफ 15 से 29 अक्टूबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, वहीं दूसरी तरफ पंचायत चुनाव की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होकर नवंबर तक चलेगी। ऐसे में चुनाव ड्यूटी, प्रशिक्षण और स्कूल परीक्षाओं की जिम्मेदारी एक साथ आने की आशंका है।
सबसे ज्यादा सवाल 4 से 15 नवंबर के निर्धारित मध्यावधि यानी दीपावली अवकाश को लेकर भी उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक परीक्षा टालने या छुट्टियों में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
चुनाव ड्यूटी और परीक्षा व्यवस्था के बीच फंसे शिक्षक
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। वहीं पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को निर्धारित है। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव कार्य और प्रशिक्षण में लग सकती है। इसी दौरान स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। ऐसे में शिक्षकों के सामने एक साथ दो जिम्मेदारियां आने की स्थिति बन सकती है।
15 से 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित हैं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं
स्कूल शिक्षा के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर तक होनी हैं। यानी परीक्षा का समय पंचायत चुनाव के पहले दो चरणों के मतदान से सीधे तौर पर आसपास पड़ रहा है।
इसके बाद 4 से 15 नवंबर तक मध्यावधि अवकाश निर्धारित है। लेकिन पंचायत चुनाव का तीसरा और चौथा चरण 4 और 14 नवंबर को है, जबकि पंच-सरपंच के लिए मतदान 6 और 16 नवंबर को होना है। यही वजह है कि शिक्षकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि चुनाव ड्यूटी और अवकाश की तारीखों के बीच विभाग किस तरह तालमेल बैठाएगा।
शिक्षक संगठनों ने जताई चिंता
मामले को लेकर शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग और राज्य निर्वाचन विभाग के सामने चिंता जताई है। उनका कहना है कि चुनाव ड्यूटी के साथ प्रशिक्षण और परीक्षा की जिम्मेदारी एक साथ आने पर स्कूलों में परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
शिक्षक नेता नीरज शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग और शिक्षा विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ तारीखों का निर्धारण करना चाहिए था। उन्होंने शिक्षकों पर पहले से मौजूद गैर-शैक्षणिक कार्यों के दबाव का भी मुद्दा उठाया।
क्या परीक्षाओं की तारीख बदलेगी?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा या नहीं। इसी तरह दीपावली के निर्धारित अवकाश में किसी तरह के बदलाव को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसलिए फिलहाल शिक्षकों के सामने चुनाव ड्यूटी, प्रशिक्षण, अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं और नवंबर के अवकाश के बीच तालमेल को लेकर असमंजस बना हुआ है। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग और निर्वाचन विभाग के बीच समन्वय के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
पंचायत चुनाव का पूरा शेड्यूल
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव चार चरणों में होंगे। चुनाव में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव प्रक्रिया होगी।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य:
- पहला चरण: 23 अक्टूबर
- दूसरा चरण: 29 अक्टूबर
- तीसरा चरण: 4 नवंबर
- चौथा चरण: 14 नवंबर
पंच और सरपंच:
- पहला चरण: 25 अक्टूबर
- दूसरा चरण: 31 अक्टूबर
- तीसरा चरण: 6 नवंबर
- चौथा चरण: 16 नवंबर
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। पंच और सरपंच के वोटों की गिनती मतदान के दिन ही की जाएगी।
वहीं जिला प्रमुख और प्रधान पदों के चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह में होंगे। चुनावी प्रक्रिया 28 नवंबर तक पूरी होने का कार्यक्रम है।








