समाचार-गढ़ 8 अक्टूबर, 2026।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बज चुका है। पहले चरण के चुनाव के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर पंच और सरपंच के चुनाव भी होंगे।
पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर रहेगी। इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 15 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ होगी और चुनावी मुकाबला तय हो जाएगा।
22 अक्टूबर को EVM से होगा मतदान
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके लिए मतदान दल 21 अक्टूबर को रवाना होंगे।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में मतदान EVM से कराया जाएगा। इन चुनावों की मतगणना सभी चरणों का मतदान पूरा होने के बाद 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर होगी।
पहले चरण में 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाने हैं। यानी इन दोनों पदों पर कुल 9,648 सदस्य चुने जाएंगे।
3,672 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच का चुनाव
पहले चरण में 3,672 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव होंगे। इन ग्राम पंचायतों में कुल 10,857 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
प्रदेश में कुल 14,403 ग्राम पंचायतें और 1,30,589 वार्ड हैं। पहले चरण में पंच और सरपंच पद के लिए 23 अक्टूबर को नामांकन होगा और अगले दिन यानी 24 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
पंच और सरपंच के लिए मतदान भी सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। इनके वोट मतपेटी के जरिए डाले जाएंगे। मतदान समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही मतगणना की जाएगी।
25 अक्टूबर को होगा उपसरपंच का चुनाव
पंच और सरपंच का मतदान पूरा होने के बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा।
गांव से जिला स्तर तक होगा मुकाबला
पंचायत चुनाव में मतदाता एक तरफ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करेंगे, वहीं संबंधित चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच भी चुने जाएंगे। पहले चरण में 9,648 जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के साथ 3,672 सरपंच पदों पर चुनाव होगा। वार्ड पंच के पद भी इन्हीं 3,672 ग्राम पंचायतों में होंगे।
इस तरह पहले चरण में गांव से लेकर जिला स्तर तक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और नामांकन शुरू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।








