समाचार-गढ़ 11 अक्टूबर, 2026।
दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच राजधानी के कई प्रमुख बाजार बंद रहे। सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही में रुकावटों के चलते कारोबार प्रभावित हुआ। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया कि एक दिन में दिल्ली का करीब 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। व्यापारियों ने त्योहारों के मौसम को देखते हुए दिवाली तक बड़े धरने-प्रदर्शन रोकने की अपील की है।
सदर बाजार से कनॉट प्लेस तक बाजारों पर असर
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसके मद्देनजर सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग और लाजपत राय मार्केट समेत कई प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें बंद रहीं।
व्यापारियों के मुताबिक, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और यातायात में संभावित बाधाओं के कारण दिल्ली के बाहर से आने वाले खरीदारों की संख्या भी प्रभावित हुई। स्थानीय ग्राहकों की आवाजाही कम रहने से खुदरा कारोबार के साथ होटल, रेस्तरां, सिनेमा और अन्य सेवा क्षेत्रों पर भी असर पड़ा। हालांकि, 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा व्यापारिक संगठनों का अनुमान है, किसी आधिकारिक नुकसान आकलन का आंकड़ा नहीं।
CTI ने CJP और राजनीतिक दलों को लिखा पत्र
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने CJP के अभिजीत दीपके सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से दिवाली तक दिल्ली में धरने-प्रदर्शन नहीं करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि त्योहारों का समय कारोबारियों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। ऐसे में बाजारों और प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में बड़े प्रदर्शनों से व्यापार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
CTI ने सुझाव दिया है कि यदि राजनीतिक दलों को प्रदर्शन करना है, तो वे दिल्ली के प्रमुख बाजारों से दूर किसी अन्य स्थान को चुन सकते हैं। संगठन ने व्यावसायिक क्षेत्रों में बार-बार होने वाले बड़े प्रदर्शनों के बजाय शहर से बाहर स्थायी प्रदर्शन स्थल तय करने की मांग भी उठाई है।
रामलीलाओं और त्योहारों के कारोबार की चिंता
बृजेश गोयल के मुताबिक, नवरात्रि, रामलीला और दिवाली के दौरान दिल्ली के लाखों व्यापारियों का कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर प्रदर्शन के चलते रास्तों और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियां लगती हैं, तो बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट सकती है।
CTI ने यह भी कहा कि दिल्ली में होने वाले रामलीला आयोजनों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। लोगों की आवाजाही प्रभावित होने पर दुकानदारों के साथ-साथ होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों से जुड़े लोगों की कमाई पर भी असर पड़ सकता है।
पेट्रोल पंप, होटल और सर्विस सेक्टर भी प्रभावित होने का दावा
व्यापारिक संगठन के अनुसार, 10 अक्टूबर को कारोबार प्रभावित होने का असर सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहा। पेट्रोल पंपों, होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून जैसे व्यवसायों में भी सामान्य दिनों के मुकाबले कम ग्राहक पहुंचे या बुकिंग रद्द हुईं।
CTI ने खुदरा व्यापार के साथ हॉस्पिटैलिटी, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र को जोड़कर करीब 2,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर का अनुमान लगाया है।
दिवाली तक प्रदर्शन रोकने की अपील
CTI ने CJP और अन्य राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में बड़े धरने-प्रदर्शन न करें। संगठन का कहना है कि इससे त्योहारों के दौरान व्यापारिक गतिविधियां जारी रखने और आम लोगों को परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा व्यापारियों की ओर से लगाया गया अनुमान है। इस मामले में मुख्य मुद्दा त्योहारों के दौरान कारोबार और सार्वजनिक आवाजाही पर प्रदर्शन तथा सुरक्षा इंतजामों के असर को लेकर व्यापारिक संगठनों की चिंता है।








