समाचार गढ़, 9 अक्टूबर 2026|
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के पंच और सरपंच पदों के आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को नामांकन पत्र और उसके साथ जमा किए जाने वाले शपथ पत्र के सभी जरूरी कॉलम भरने होंगे। किसी कॉलम को खाली छोड़ने पर नामांकन रद्द हो सकता है। हालांकि, गलती सुधारने का अवसर दिए जाने के बाद भी निर्धारित समय में कमी पूरी नहीं करने पर पर्चा खारिज कर दिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। गाइडलाइन में नामांकन पत्र में सुधार की प्रक्रिया से लेकर आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति, शौचालय और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों के संबंध में भी नियम स्पष्ट किए गए हैं।
फॉर्म में कॉलम खाली छोड़ा तो क्या होगा?
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार को नामांकन पत्र और संलग्न शपथ पत्र के सभी जरूरी कॉलम भरने होंगे। यदि कोई कॉलम खाली पाया जाता है, तो रिटर्निंग अधिकारी संबंधित उम्मीदवार को कमी पूरी करने का अवसर देगा। इसके बावजूद निर्धारित समय में कमी दूर नहीं की गई या जरूरी शपथ पत्र जमा नहीं कराया गया, तो नामांकन निरस्त किया जा सकता है।
संतान संबंधी जानकारी के कॉलम को लेकर विशेष छूट दी गई है। आयोग के अनुसार, संतान संबंधी योग्यता का प्रावधान समाप्त किए जाने के कारण अब नामांकन पत्र या शपथ पत्र में संतान संबंधी जानकारी देना जरूरी नहीं है।
फॉर्म में गलती सुधारने के लिए अलग शपथ पत्र देना होगा
नामांकन पत्र में किसी गलती को सुधारने के लिए पहले से जमा दस्तावेजों पर काट-छांट या ओवरराइटिंग करके बदलाव करना मान्य नहीं होगा। ऐसी गलती सुधारने के लिए उम्मीदवार को अलग से नया शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि उम्मीदवार को सुधार का अवसर मिलने के बाद भी वह निर्धारित समय-सीमा में नया शपथ पत्र जमा नहीं करता है, तो उसका नामांकन निरस्त किया जा सकता है।
आपराधिक मामलों और संपत्ति का देना होगा ब्योरा
सरपंच पद के उम्मीदवारों को 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देना होगा। इसमें विचाराधीन आपराधिक मामलों, देनदारियों और संपत्ति से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य होगा।
घर में स्वच्छ शौचालय होने की घोषणा जरूरी
उम्मीदवारों को यह घोषणा भी करनी होगी कि उनके घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय है और परिवार के सदस्य खुले में शौच नहीं जाते। इसके लिए निर्धारित घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।
बकाया होने पर जमा करनी होगी राशि
यदि उम्मीदवार पर संबंधित पंचायतीराज संस्था का बकाया है और आयोग या संबंधित संस्था की ओर से नोटिस जारी किया गया है, तो नामांकन से पहले बकाया राशि जमा कर उसकी रसीद या नो-ड्यूज प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
यदि कोई बकाया नहीं है या इस संबंध में नोटिस जारी नहीं किया गया है, तो नो-ड्यूज प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
आरक्षित वर्ग और महिला उम्मीदवारों को देना होगा प्रमाण पत्र
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षित वर्ग से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। महिला आरक्षित वार्ड से नामांकन दाखिल करने वाली महिला उम्मीदवारों के लिए भी संबंधित प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
सरपंच पद के लिए कितनी होगी जमानत राशि?
गाइडलाइन के अनुसार, सरपंच पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की जमानत राशि 500 रुपये निर्धारित है। वहीं, SC, ST, OBC और महिला उम्मीदवारों के लिए यह राशि 250 रुपये रखी गई है। निर्धारित छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित प्रारूप में ही जमा करने होंगे फॉर्म
आयोग ने नामांकन पत्र और शपथ पत्र के प्रारूप को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों को आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए निर्धारित प्रिंटेड फॉर्म, उनकी फोटोकॉपी या टाइप किए हुए निर्धारित प्रारूप में दस्तावेज जमा करने होंगे। नामांकन प्रक्रिया में निर्धारित प्रारूप और नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की नई गाइडलाइन का उद्देश्य नामांकन प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता बनाए रखना है। उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से पहले सभी कॉलम, जरूरी घोषणाओं और प्रमाण पत्रों की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि दस्तावेजों में कमी के कारण उनका पर्चा निरस्त न हो।








