समाचार गढ़ 28 अक्टूबर 2026।
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते बंद हैं, लेकिन आंकड़ों में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान ने जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान भारत से करीब ₹5,876 करोड़ का सामान आयात किया। पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले यह लगभग 69 प्रतिशत ज्यादा है। आखिर जब सीधा व्यापार बंद है, तो भारतीय सामान पाकिस्तान तक पहुंच कैसे रहा है? क्या तीसरे देशों के रास्ते कोई ऐसा नेटवर्क काम कर रहा है, जो प्रतिबंधों के बावजूद कारोबार जारी रखे हुए है?
सीधा रास्ता बंद, फिर कौन-सा रास्ता खुला है?
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ व्यापारिक प्रतिबंध सख्त किए थे। इसके बावजूद पाकिस्तानी आंकड़ों में भारत से आयात बढ़ने की बात सामने आई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय दर्ज हुई है, जब दोनों देशों के बीच सीधे कारोबार पर रोक है।
यहीं से कहानी में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—क्या भारतीय सामान किसी दूसरे देश के नाम से पाकिस्तान पहुंच रहा है? ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) पहले भी आशंका जता चुका है कि तीसरे देशों के जरिए भारतीय उत्पाद पाकिस्तान तक पहुंच सकते हैं।
दुबई से सिंगापुर तक… कहीं यही तो नहीं रास्ता?
GTRI के मुताबिक, दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे व्यापारिक केंद्र अप्रत्यक्ष व्यापार के रास्ते बन सकते हैं। संभावित तौर पर सामान पहले भारत से किसी तीसरे देश पहुंचता है और फिर वहां से पाकिस्तान भेजा जाता है।
कुछ मामलों में सामान के मूल देश से जुड़े लेबल या दस्तावेजों में बदलाव किए जाने की आशंका भी जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो असली उत्पादक देश की पहचान छिप सकती है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े यह साबित नहीं करते कि पाकिस्तान के आयात में दर्ज पूरा सामान इसी तरीके से पहुंचा या किसी खास कारोबारी नेटवर्क ने इसमें भूमिका निभाई।
दवाइयों से केमिकल तक, किन सामानों पर है नजर?
भारतीय उत्पादों के अप्रत्यक्ष व्यापार को लेकर दवाइयों, दवाओं के कच्चे माल, प्लास्टिक, पेट्रोलियम उत्पादों, केमिकल, रबर, चाय, कॉफी, मसालों और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों का जिक्र होता रहा है। लेकिन जुलाई-सितंबर 2026 के आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान ने इस दौरान इनमें से कौन-कौन से उत्पाद खरीदे और वे किस रास्ते से पहुंचे।
यानी आंकड़े आयात में बढ़ोतरी तो दिखाते हैं, लेकिन सामान की पूरी सूची और उसकी सप्लाई चेन का खुलासा नहीं करते।
भारत ने पाकिस्तान से कुछ नहीं खरीदा?
पाकिस्तान के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान भारत से आयात बढ़ा, जबकि पाकिस्तान से भारत को निर्यात दर्ज नहीं हुआ। यह व्यापार के बीच बड़ा अंतर दिखाता है। भारत के कुल कारोबार में पाकिस्तान की हिस्सेदारी भी पहले से काफी सीमित रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल—आखिर पर्दे के पीछे क्या है?
एक तरफ व्यापारिक प्रतिबंध हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के आयात आंकड़ों में भारतीय सामान की बढ़ोतरी। तीसरे देशों के जरिए कारोबार इसकी संभावित वजह हो सकता है, लेकिन असल रास्तों और इसमें शामिल कंपनियों की पुष्टि के लिए उत्पादवार आंकड़ों, शिपमेंट रिकॉर्ड और सीमा शुल्क दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
क्या तीसरे देशों के जरिए भारतीय सामान पाकिस्तान तक पहुंच रहा है, या इन आंकड़ों के पीछे कोई दूसरी वजह भी है? इसका जवाब अब आयात के विस्तृत रिकॉर्ड से ही सामने आ सकेगा।








