समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। दीपावली पर शहर से लेकर देहात तक दीयों से जगमग हो उठे। लोगों ने विधिविधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की। मकानों को झालरों से सजाया गया तो दीयों की सुंदरता भी देेखते बन रही थी। बच्चों ने पटाखें, फूलझड़ी छोड़ी। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर त्योहार की खुशी मनाई गई। यह क्रम देर रात तक चलता रहा। त्योहार की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी। लोग घरों की साफ-सफाई करने में लगे थे। घर के आसपास भी सफाई कराई गई। धनतेरस के दिन लोगों ने जमकर खरीदारी की। तीन दिन बाजारों में रौनक रही। लोगों ने जरूरी सामान खरीदा। बाजार में सुबह से ही भीड़ जुटने शुरू हुई जो कि रात तक चली। लोगों ने पूजन के लिए गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति व प्रसाद की खरीदारी की। शाम को घी, तेल और बाती डालकर दीया जलाया। देवस्थलों पर दीये रखे गए। घरों को अच्छे ढंग से सजाया गया। झालरों की रोशनी में पूरा कस्बा व गांव अलग ही दिख रहे थे। रात होते ही पटाखों की गूंज चारो तरफ सुनाई देने लगी। देर तक लोग पटाखे फोड़ते रहे। गांव से शहर तक रोशनी-रोशनी दिख रही थी।
किया रामा-श्यामा
समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा व रामा-श्यामा का दौर रहता है लेकिन सूर्य ग्रहण व सूतक के चलते आज शहर में तो रामा-श्यामा का दौर दिखाई नहीं दिया लेकिन गांवों में रामा-श्यामा के लिए एक-दूसरे के घरों मंे ग्रामीण जाते नजर आये।
कई वर्षो बाद गोवर्धन पूजा का संयोग बना दीपावली के तीसरे दिन
समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा व रामा-श्यामा का दौर रहता है लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण के चलते कई वर्षो बाद ऐसा संयोग बना है कि गोवर्धन पूजा दीपावली के दूसरे दिन नहीं होकर तीसरे दिन होगी। ऐसे में अब कल बुधवार को सुबह गोवर्धन पूजा व रामा-श्यामा का दौर रहेगा।
सूर्य ग्रहण लगते ही मंदिरों में शुरू हुए भजन कीर्तन
समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। कई वर्षो बाद दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा व रामा-श्यामा न होकर सूर्य ग्रहण का दिन रहा व सुबह 4ः30 बजे ही सूतक लग गया ऐसे में गोवर्धन पूजा करना निषेध माना जाता है। सूर्य ग्रहण दोपहर 4ः27 बजे शुरू हुआ जो कि 5ः55 बजे तक रहा। इस दौरान घरों व मंदिरों में महिलाओं व पुरूषों ने भजन-कीर्तन किया।









फोटो असगर










