Nature Nature

मौसम ने फिर बदली करवट आसमान अटा बादलों से सुबह सुबह हुई बूंदाबांदी कटाई पर खड़ी फसलों पर छाये आशंका के बादल

Nature

समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। दो दिन मौसम साफ रहने के बाद शुक्रवार शाम से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।यह बदलाव 6 मार्च तक रहेगा ।इस दौरान कई जिलों में हल्की बरसात की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने एंटी साइक्लोनिक सिस्टम और उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे वेस्टर्न से मध्य भारत के राजस्थान गुजरात और मध्यप्रदेश के हिस्सों में एक नया वेदर सिस्टम बन रहा है इस सिस्टम के असर से ही राजस्थान के दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्वी हिस्सों में मौसम में बदलाव आएगा । हालांकि इस सिस्टम से ज्यादा बारिश तो नहीं होगी लेकिन कई जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। ऐसा मौसम 3 दिन रहेगा । मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक शुक्रवार शाम से जोधपुर संभाग के जैसलमेर बाड़मेर और जोधपुर जिले में आज बादल छायेगे । वहीं कहीं कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है 4 मार्च को जोधपुर बीकानेर संभाग के अलावा अजमेर जयपुर उदयपुर कोटा संभाग के जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। 5 मार्च को जयपुर उदयपुर संभाग के जिलों में दोपहर तक हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद देर शाम से मौसम शुष्क होने लगेगा । 6 मार्च से एक बार फिर प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा ।
मौसम का असर आज बीकानेर संभाग में भी देखने को मिला । सुबह-सुबह कई गांवो में हल्की बूंदाबांदी के समाचार मिल रहे हैं श्री डूंगरगढ़ के गांव सातलेरा में सुबह-सुबह बूंदाबांदी हुई । किसानों का कहना कि अचानक मौसम में आए बदलाव को देखते हुए कटाव पर खड़ी फसलों पर आशंकाओं के बादल किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
मार्च में तेज गर्मी की संभावना
मौसम के केंद्र जयपुर ने पिछले दिनों मार्च से मई तक गर्मी के सीजन का फोरकास्ट जारी किया है इस फोरकास्ट में इस सीजन में बहुत तेज गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है वही प्री मानसून की बारिश मार्च से मई तक भी कम होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ग्लोबल वेदर सिस्टम में जो बदलाव ला नीनो से अल नीनो बनना हो रहा है। उसके प्रभाव के कारण इस बार गर्मी तेज होने के साथ ही मानसून का सीजन भी कमजोर रहने की संभावना है।

शनिवार को सुबह सुबह सातलेरा गांव में हुई बूंदाबांदी ।फोटो गौरीशंकर तावनिया सातलेरा
आसमान अटा बादलों से पकाव पर खड़ी फसलों पर छाए आशंकाओं के बादल । फोटो गौरीशंकर तावनिया
फसलों पर छाए आशंका के बादल अगेती फसल की कटाई में जुटे किसान ।फोटो गौरीशंकर तावनिया
  • Related Posts

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026। Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी मंदिर की प्रतिमा की गहराई जांचने पहुंची प्रशासनिक टीम उस समय चर्चा में आ…

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026। India Poverty Report: भारत ने गरीबी कम करने के मोर्चे पर पिछले 12 वर्षों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व बैंक की अक्टूबर 2026…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    FATF की बैठक में पाकिस्तान पर कोई नई कार्रवाई नहीं, जैश की ऑनलाइन फंडिंग पर भी नहीं मिला जवाब; 2030 तक जारी रहेगी समीक्षा

    FATF की बैठक में पाकिस्तान पर कोई नई कार्रवाई नहीं, जैश की ऑनलाइन फंडिंग पर भी नहीं मिला जवाब; 2030 तक जारी रहेगी समीक्षा

    होर्मुज में 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर हमला, इंजन रूम में लगी आग; पहली बार लिम्पेट माइन्स से बनाया निशाना

    होर्मुज में 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर हमला, इंजन रूम में लगी आग; पहली बार लिम्पेट माइन्स से बनाया निशाना

    चीन-पाक की समुद्री गतिविधियों के बीच भारत का बड़ा दांव, ₹40 हजार करोड़ से बनेंगे 8 नए युद्धपोत

    चीन-पाक की समुद्री गतिविधियों के बीच भारत का बड़ा दांव, ₹40 हजार करोड़ से बनेंगे 8 नए युद्धपोत

    न सड़क, न गाड़ियों का शोर… यहां एक-दूसरे की छतों पर चलते हैं लोग, 1000 साल पुराना है ये गांव

    न सड़क, न गाड़ियों का शोर… यहां एक-दूसरे की छतों पर चलते हैं लोग, 1000 साल पुराना है ये गांव
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights