समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026।
FATF Pakistan Update: पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की कथित ऑनलाइन फंडिंग को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं, लेकिन फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की चार दिवसीय प्लेनरी बैठक के बाद पाकिस्तान पर किसी नई कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई। बैठक के दौरान जैश-ए-मोहम्मद की ऑनलाइन चंदा जुटाने की गतिविधियों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी FATF प्रमुख गिल्स थॉम्पसन ने गोपनीयता का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
जैश की ऑनलाइन फंडिंग पर FATF ने नहीं दी जानकारी
बैठक के बाद एबीपी न्यूज ने FATF प्रमुख गिल्स थॉम्पसन से पूछा कि क्या संगठन को पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ऑनलाइन चंदा जुटाने की जानकारी है? साथ ही यह भी सवाल किया गया कि क्या भारत ने इस मुद्दे को FATF के सामने उठाया है।
इस पर थॉम्पसन ने बैठक की गोपनीयता का हवाला देते हुए कोई जानकारी साझा नहीं की। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बैठक में जैश की कथित ऑनलाइन फंडिंग पर कोई विशेष चर्चा हुई या नहीं।
अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर हुआ था पाकिस्तान
पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। FATF प्रमुख गिल्स थॉम्पसन ने बताया कि इसके बाद से पाकिस्तान के साथ एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) के माध्यम से बातचीत और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।
एबीपी न्यूज के मुताबिक, APG के दस्तावेजों में पाकिस्तान का मूल्यांकन 31 मार्च 2029 तक पूरा कर रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा दी गई है। इसके बाद 2030 की FATF प्लेनरी बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा होनी है। यानी पाकिस्तान के खिलाफ किसी संभावित अगले कदम को लेकर फिलहाल कोई नई समयसीमा या फैसला घोषित नहीं किया गया है।
जैश-ए-मोहम्मद पर ऑनलाइन 391 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
पिछले साल एबीपी न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान में ऑनलाइन माध्यमों से करीब 391 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन इस रकम और पाकिस्तान सरकार से मिलने वाली कथित मदद के जरिए ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त हुए अपने मुख्यालय का पुनर्निर्माण कर रहा था।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्यालय का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इन आरोपों और फंडिंग से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा FATF की ओर से इन पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
2030 तक जारी रहेगी पाकिस्तान की मूल्यांकन प्रक्रिया
FATF की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, APG पहले पाकिस्तान का मूल्यांकन पूरा करेगा और फिर उसकी रिपोर्ट पर 2030 की प्लेनरी बैठक में चर्चा होगी। इस बीच पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की गतिविधियों और कथित फंडिंग को लेकर सवाल बने हुए हैं।
एबीपी न्यूज की रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई है कि पाकिस्तान भविष्य में आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कागजी रिकॉर्ड पेश कर सकता है। हालांकि, यह रिपोर्ट में व्यक्त किया गया दावा और आशंका है, FATF का कोई घोषित निष्कर्ष नहीं।








