समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026।
Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी मंदिर की प्रतिमा की गहराई जांचने पहुंची प्रशासनिक टीम उस समय चर्चा में आ गई, जब जांच के दौरान इस्तेमाल की जा रही मशीनों में तकनीकी खराबी आ गई। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मंदिर पहुंची थी। मशीनें बंद होने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे चमत्कार बताया जाने लगा। हालांकि, मशीनों के बंद होने के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
आधी रात को मंदिर पहुंची प्रशासनिक टीम
जानकारी के अनुसार, एसडीएम एलएन गर्ग के नेतृत्व में नगर निगम, पुलिस प्रशासन और भोपाल से आई आठ सदस्यीय तकनीकी टीम मंदिर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य मंदिर में स्थापित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा की गहराई का पता लगाना था।
इसके लिए विशेष मशीनों और तकनीकी उपकरणों की मदद से जांच शुरू की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर और प्रतिमा को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं।
जांच के दौरान मशीनों में आई खराबी
प्रतिमा की गहराई मापने की प्रक्रिया के दौरान मशीन में तकनीकी खराबी आने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मशीनें बंद होने के कारण जांच प्रभावित हुई। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे चमत्कार से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
हालांकि, मशीनों में खराबी क्यों आई और क्या सभी उपकरण बंद हुए थे, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए इसे चमत्कार मानने संबंधी चर्चाओं की पुष्टि नहीं हुई है।
आधी रात को जांच कराने पर उठे सवाल
जांच के दौरान के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद कार्रवाई के समय को लेकर भी सवाल उठने लगे। लोगों ने पूछा कि धार्मिक स्थल पर प्रतिमा की जांच आधी रात को क्यों की गई, जबकि यह प्रक्रिया दिन में भी पूरी की जा सकती थी।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी सामने आई है। कई लोगों ने प्रशासन से जांच कराने के उद्देश्य और समय को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
हिंदू संगठनों और भाजपा पार्षद ने जताई आपत्ति
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने आधी रात को जांच किए जाने पर आपत्ति जताई। वहीं, भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने भी कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस तरह की जांच दिन के समय भी कराई जा सकती थी।
इस कार्रवाई के बाद धार्मिक स्थल पर प्रशासन की जांच प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
तकनीकी रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति
फिलहाल प्रतिमा की गहराई कितनी है और जांच के दौरान मशीनों में खराबी आने की वजह क्या रही, इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। प्रशासन की ओर से भी अब तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
ऐसे में तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही प्रतिमा की वास्तविक गहराई और मशीनों में आई खराबी के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








