क्षात्र समाज की एकजुटता और सकारात्मक भूमिका पर मंथन
श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में श्रीडूंगरगढ़ में क्षत्रिय अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता व व्यापारी विचार-गोष्ठी सम्पन्न
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार सायं एकलव्य पब्लिक स्कूल परिसर, श्रीडूंगरगढ़ में क्षत्रिय समाज के अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं व्यापारियों की विचार-गोष्ठी व स्नेहभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आपसी परिचय, सहयोग, समन्वय और सकारात्मक सामाजिक भूमिका को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य तनसिंहजी की तस्वीर के समक्ष वरिष्ठजनों भरतसिंह, नवलसिंह व सवाईसिंह द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात संघ स्वयंसेवक संदीपसिंह पुंदलसर ने प्रार्थना करवाई। सभी प्रतिभागियों का परिचय कराते हुए कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
सर्व समाज के लिए उपयोगी बनने का आह्वान
विचार-गोष्ठी में उपस्थित समाज के स्थानीय अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता व व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। वक्ताओं ने परस्पर सहयोग, सामंजस्य और संवाद को बढ़ाते हुए सभी समाजों के लिए उपयोगी बनने पर विचार साझा किए।
बीकानेर प्रांत प्रमुख जुगल सिंह बेलासर ने फाउंडेशन की कार्य-योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें सर्व समाज में सतोगुणीय भाव को बढ़ावा देना है। जातियां समाज की संरचना का हिस्सा रही हैं, पर जातिवाद अनुचित है। संघ के आनुषंगिक संगठन विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर समाज में परिचय व समन्वय बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक भूमिका निभा सके।
जगदीश सिंह सुरजनवासी ने कहा कि समाज में एक-दूसरे के काम आना, परिवारों में सकारात्मक वातावरण बनाना और युवा पीढ़ी को शिक्षा व खेलों में सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
एडवोकेट रणवीर सिंह ने व्यापारिक, अधिकारी एवं अधिवक्ता वर्ग के ऐसे स्नेहमिलन नियमित रूप से होते रहने की आवश्यकता बताई तथा समाजजनों से नशामुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया।
संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक एडवोकेट भरत सिंह शेरूणा ने श्री क्षत्रिय युवक संघ की सामूहिक, संस्कारमयी कर्मप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि आनुषंगिक संगठन SKPF समाज में सराहनीय कार्य कर रहा है। संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए व्यवहारकुशल बनें और सभी से समन्वय स्थापित करते रहें।
संचालन, स्नेहभोज व पुस्तक वितरण
कार्यक्रम का संचालन प्रांत प्रमुख जेठूसिंह पुंदलसर ने किया। स्थानीय समाज के व्यापारीगणों की ओर से रात्रि स्नेहभोज का आयोजन किया गया। सभी अतिथियों को स्वामी अड़गड़ानंद जी रचित ‘यथार्थ गीता’ तथा पूज्य तनसिंहजी लिखित ‘समाज चरित्र’ पुस्तक भेंट की गई।
कार्यक्रम में व्यवसायी वर्ग से रिछपालसिंह राठौड़ (केकेसी), कल्याणसिंह, जितेन्द्रसिंह, रविन्द्रसिंह, अमरसिंह, राजेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह, मदन सिंह, ओंकार सिंह, दशरथ सिंह, विक्रम सिंह, नरपत सिंह, करणी सिंह, गजु सिंह, पूनम सिंह, बहादुर सिंह, महेंद्र सिंह, छोटू सिंह, हनुमान सिंह, पप्पू सिंह, भरत सिंह, निरंजन सिंह, देवरूपसिंह सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
साथ ही स्थानीय उपखंड कार्यालय, पंचायत समिति, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस थाना के अंतर्गत अधिकारी-कर्मचारी एवं अधिवक्ता भी मौजूद रहे।
फाउंडेशन के स्थानीय सहयोगियों में एडवोकेट रणवीर सिंह शेरूणा, मांगू सिंह जोधासर, पुरुषोत्तम सिंह सहित अनेक युवा उपस्थित रहे।
पोस्टर विमोचन
कार्यक्रम के पश्चात आगामी 25 जनवरी को संघ संस्थापक पूज्यश्री तनसिंहजी की 102वीं प्रांत स्तरीय जयंती के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम का सामूहिक पोस्टर विमोचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत ने जानकारी दी कि रविवार को दोपहर 12:15 बजे धर्मास में आयोजित जयंती समारोह में समाजजनों को परिवार व मित्रों सहित सहभागिता निभानी चाहिए।














