डंपिंग यार्ड में गौवंश की मौत का मामला गरमाया, मुख्यमंत्री से हवाई सर्वे व दो मिनट का समय देने की मांग
समाचार गढ़ | श्रीडूंगरगढ़।
श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड में असंख्य गौवंश की असमय मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। आपणों गांव श्रीडूंगरगढ़ SDGH सेवा समिति एवं विश्व हिन्दू परिषद ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।
सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में बताया गया कि डंपिंग यार्ड में चारदीवारी और गेट की व्यवस्था नहीं होने के कारण सैकड़ों गौवंश मेडिकल वेस्ट, पॉलीथिन एवं अवधिपार दवाइयों का सेवन कर असमय मौत का शिकार हो गए। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए रातों-रात जेसीबी मशीनों से मृत गौवंश के शवों को नष्ट करवा दिया।
समिति ने बताया कि मृत गौवंश के रेंडम पोस्टमार्टम की मांग की गई थी, जिसे लेकर मेडिकल बोर्ड का गठन भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया। इससे आमजन में भारी रोष व्याप्त है, विशेषकर उन लोगों में जो सनातन परंपरा में गौमाता को पूजनीय मानते हैं।
मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह
सेवा समिति ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि 17 जनवरी 2026 को बीकानेर आगमन से पूर्व जयपुर से आते समय श्रीडूंगरगढ़ स्थित डंपिंग यार्ड का हवाई सर्वे किया जाए। साथ ही गौमाता के प्रति संवेदना स्वरूप मुख्यमंत्री से मात्र दो मिनट का समय श्रीडूंगरगढ़ में देने का आग्रह किया गया है।
15 जनवरी को पैदल कूच की चेतावनी
यदि मुख्यमंत्री का श्रीडूंगरगढ़ में रुकना संभव नहीं हो पाया, तो समिति एवं विश्व हिन्दू परिषद के करीब 81 हजार सदस्यों में से 5 प्रतिशत सेवादार 15 जनवरी 2026 को श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर तक पैदल कूच करेंगे।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की मांग
सेवा समिति ने जिला प्रशासन से पैदल कूच के दौरान—
4 चलित शौचालय
1 फूड टेस्टिंग वैन
निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा
कम से कम 200 पुलिसकर्मी
1 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
1 मेडिकल यूनिट
की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि 70 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे पर कोई अप्रिय घटना न हो।
समिति ने स्पष्ट किया है कि अनुमति मिलने के बाद ही भोजन एवं ठहराव की व्यवस्थाएं की जाएंगी। दोनों संस्थाएं सामाजिक होने के कारण इस पूरे आंदोलन को शांतिपूर्ण और नियमबद्ध रखने का दावा कर रही हैं।











