समाचार-गढ़ 3 अक्टूबर, 2026।
बीकानेर में निकाय चुनाव के दौरान दो लोगों को पार्षद बनाने के नाम पर 40 लाख रुपये लेने और बाद में कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद जब शिकायतकर्ता अपने साथियों के साथ पार्षदों को लेने पहुंचा तो उनकी गाड़ियों पर हमला कर दिया गया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पार्षद बनाने के नाम पर 20-20 लाख लेने का आरोप
बिछवाल थाना क्षेत्र में जयपुर के नांगल कला निवासी रिछपाल पुत्र रतनसिंह जाट की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिछपाल को बीकानेर के बिछवाल इलाके में बलराज नामक व्यक्ति मिला, जिसने खुद को साइबर थाना हनुमानगढ़ में हेड कांस्टेबल बताया।
शिकायत के अनुसार, बलराज ने कहा कि उसकी पत्नी और चाचा चुनाव जीत चुके हैं और वह एक पार्षद को 20 लाख रुपये में दिलवा देगा। आरोप है कि इसके बाद रिछपाल और उसके साथियों से कथित तौर पर 20 लाख रुपये ले लिए गए।
संगरिया बॉर्डर से बीकानेर बुलाने का आरोप
रिपोर्ट में बताया गया है कि बीकानेर से संगरिया बॉर्डर की ओर जाते समय बलराज की पत्नी का फोन आया और उन्हें बींठा होटल आने के लिए कहा गया। इसके बाद बलराज ने अपने भाई को भी साथ लेने की बात कही और उसे अपने फोन से संगरिया गत्ता फैक्ट्री के पास बुलाया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वहां बलराज के भाई को 20 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद कथित तौर पर कश्यप नामक व्यक्ति को भी साथ लेने की बात कही गई और उसे फोन कर बुलाया गया।
बींठा के पास रोकी गई गाड़ियां
शिकायत के अनुसार, इसके बाद सभी लोग बींठा की ओर रवाना हुए। बींठा से करीब चार किलोमीटर पहले वाहनों को रोक दिया गया। बलराज और उसका भाई एक फॉर्च्यूनर में बैठकर होटल पहुंचे।
आरोप है कि होटल में गाड़ियों को बेसमेंट में ले जाया गया, जहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। रिपोर्ट में अलग-अलग वाहनों के नंबरों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां 20-20 लाख रुपये लिए गए।
होटल भेजी गई गाड़ी पर हमला
इसके बाद कथित तौर पर पार्षदों को लाने के लिए गाड़ी होटल भेजने को कहा गया। गाड़ी के साथ चालक और नैमीचंद नामक व्यक्ति को भेजा गया।
आरोप है कि गाड़ी के होटल पहुंचते ही बलराज, उसके भाई, एक महिला और अन्य लोगों ने उस पर हमला कर दिया। चालक और उसके साथ मौजूद व्यक्ति किसी तरह वहां से जान बचाकर भाग निकले।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद बलराज को फोन किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।
देर रात तक चली बैठक, पैसे लौटाने की बात पर विवाद
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि कश्यप के कहने पर सभी लोग हिसारिया की फैक्ट्री में बैठक के लिए पहुंचे। वहां जगदीश, डॉ. रामप्रताप, अमित, हिसारिया और कश्यप समेत अन्य लोग मौजूद थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बैठक रात करीब तीन बजे तक चली। इस दौरान कथित तौर पर कहा गया कि या तो पैसे दे दें या फिर रकम वापस कर दें। इसके बाद जगदीश और कश्यप वहां से चले गए और कथित तौर पर फोन उठाना बंद कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। बिछवाल थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसआई राजकुमार को सौंपी गई है।
पुलिस अब रिपोर्ट में बताए गए लोगों, मोबाइल नंबरों, वाहनों, होटल में हुई गतिविधियों और कथित लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।








