समाचार-गढ़ 1 अक्टूबर, 2026।
Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट के अंदर कैप्टन और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया और विमान के सिस्टम पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने उसका मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद क्रू के सदस्यों और यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। फ्लाइट में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मछार की बहादुरी की तारीफ की है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मछार?
स्मित मछार भारतीय नागरिक हैं और बोइंग 737 विमान उड़ाने का लंबा अनुभव रखते हैं। वह जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ बतौर कैप्टन काम कर रहे हैं। इससे पहले वह स्पाइसजेट से जुड़े थे, जहां उन्होंने कई साल काम किया और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन तथा सीनियर कमांडर जैसी जिम्मेदारियां संभालीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पास 9,750 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है। बोइंग 737-800 और 737 MAX विमानों पर उनका व्यापक अनुभव बताया गया है।
आसमान में क्यों मच गया था हड़कंप?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन और को-पायलट के बीच अचानक हिंसक झड़प हो गई।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, एक पायलट ने विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसी दौरान कैप्टन मछार पर चाकू से हमला किया गया। वह घायल होने के बावजूद हमलावर का सामना करते रहे।
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाद में विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर किया गया, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग हुई।
घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा कॉकपिट
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में कैप्टन मछार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश जारी रखी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।
इसके बाद एक क्रू सदस्य और एक यात्री ने कॉकपिट में पहुंचकर संदिग्ध को काबू करने में मदद की। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद संदिग्ध को सऊदी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया।
कैप्टन मछार को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक, उन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही थी और उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।
174 लोगों की बची जान
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मछार की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कार्रवाई से विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बची। उन्होंने घायल होने के बावजूद हमलावर का सामना करने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए भारतीय पायलट की सराहना की।
फ्लाईदुबई ने विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया। एयरलाइन ने घटना की जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।
हमले के पीछे क्या था मकसद?
इस घटना के पीछे को-पायलट का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। इजरायली अधिकारियों ने मामले में संभावित आतंकी पहलू की भी जांच शुरू की है, लेकिन फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है। संदिग्ध को सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है।
फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में हुई घटना ने विमान की सुरक्षा और कॉकपिट में पायलटों की जांच से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। इजरायल ने इस घटना के बाद देश में आने वाली उड़ानों के पायलटों की सुरक्षा जांच बढ़ाने की बात कही है।








