समाचार गढ़ 4 अप्रैल 2026। को श्रीडूंगरगढ़ के शिक्षा इतिहास में एक यादगार दिन दर्ज हो गया। क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थान भारती निकेतन के छात्र भागीरथ सिंह ने 12वीं विज्ञान वर्ग में 500 में से पूरे 500 अंक प्राप्त कर नई मिसाल कायम कर दी।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा 12वीं कक्षा का परिणाम पांच दिन पहले मंगलवार को घोषित किया गया था। उसी क्रम में शनिवार को दिव्यांग विद्यार्थियों का परिणाम जारी हुआ, जिसमें भागीरथ सिंह ने शत-प्रतिशत अंक हासिल कर सबको चौंका दिया। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित—सभी विषयों में 100-100 अंक प्राप्त किए।
विद्यालय के निदेशक श्रीकिशन स्वामी के अनुसार, यह उपलब्धि न केवल श्रीडूंगरगढ़ बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है, क्योंकि राज्य में यह दूसरी बार हुआ है जब किसी विद्यार्थी ने 500 में से 500 अंक प्राप्त किए हैं।
भागीरथ सिंह गांव पुंदलसर के निवासी हैं और विशेष बात यह है कि उनके दोनों हाथ पूरी तरह मुड़े हुए हैं। अपनी इस शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने यह असाधारण सफलता हासिल की। दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में 60 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाता है और उनका परिणाम मुख्य परिणाम के पांच दिन बाद घोषित किया जाता है, जिसे समान रूप से मान्यता दी जाती है।
इस शानदार उपलब्धि के बाद विद्यालय में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूरे क्षेत्र के शिक्षाविदों ने भागीरथ की सफलता को क्षेत्र का गौरव बताया है। वहीं, उनके परिवार—विशेष रूप से पिता रामनारायण सिंह—को भी गांव में बधाइयों का तांता लगा हुआ है।














