समाचार-गढ़ 23 अगस्त, 2026।
सोने की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर गोल्ड का भाव इस महीने अब तक करीब ₹19,000 प्रति 10 ग्राम बढ़ चुका है। इसके साथ ही सोने की कीमत लगातार पांचवें सप्ताह बढ़त में रही है।
सोने की कीमतों में इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी बताई जा रही है। डॉलर कमजोर होने से निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों को सहारा मिला है।
इस बीच, भले ही इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है। इस माहौल ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी है।
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है। शुक्रवार को चांदी का भाव ₹10,673 की बढ़त के साथ ₹2,48,124 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
एक्सपर्ट्स को कहां तक दिख रही है तेजी?
एनरिच मनी के CEO पॉनमुडी आर के मुताबिक, फिलहाल गोल्ड के लिए ₹1,62,500 से ₹1,63,000 का स्तर अहम रुकावट का काम कर रहा है।
अगर सोना ₹1,63,000 के आसपास का स्तर पार करने में सफल रहता है तो इसके बाद कीमत ₹1,65,000 तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।
सिर्फ एक हफ्ते में ₹8,000 बढ़ा सोना
MCX पर गोल्ड की कीमत पिछले एक सप्ताह में करीब ₹8,000 प्रति 10 ग्राम बढ़ी है। इस तेजी के बाद सोने का भाव ₹1,62,438 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
अगस्त में अब तक सोने की कीमत में करीब 13.30 प्रतिशत यानी ₹19,000 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं, 2026 में अब तक गोल्ड करीब 20 प्रतिशत चढ़ चुका है।
हालिया तेजी के चलते सोने ने अपनी पिछली गिरावट में हुए नुकसान की भरपाई कर ली है। अब यह एक बार फिर अपने रिकॉर्ड हाई ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच रहा है।
हालांकि मौजूदा भाव अभी भी रिकॉर्ड स्तर से करीब 10 प्रतिशत नीचे है। महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड हाई के मुकाबले सोना करीब 21 प्रतिशत तक सस्ता था।
तीन महीने के निचले स्तर के करीब डॉलर
सोने की तेजी के लिए अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी एक बड़ा सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। फिलहाल डॉलर का भाव करीब तीन महीने के न्यूनतम स्तर के आसपास है।
पिछले सप्ताह बुधवार को डॉलर में काफी गिरावट देखने को मिली थी। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबे समय से चर्चा में रही सरकारी बॉन्ड बायबैक योजना को आगे बढ़ाने की संभावना भी डॉलर पर दबाव बढ़ा सकती है।
अगर डॉलर में कमजोरी आगे भी जारी रहती है, तो इसका फायदा सोने की कीमतों को मिल सकता है और गोल्ड में तेजी का सिलसिला आगे बढ़ने की संभावना बनी रह सकती है।









