समाचार गढ़, जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा बरकरार रखने और अंतरिम जमानत रद्द किए जाने के बाद आसाराम गुरुवार को जोधपुर पहुंच गया। जानकारी के अनुसार वह एयरपोर्ट से सीधे पाल गांव स्थित अपने आश्रम पहुंचा, जहां से बाद में एम्स में भर्ती हो गया। संभावना जताई जा रही है कि वह शाम से पहले जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर सरेंडर कर सकता है।
आसाराम के जोधपुर पहुंचने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर उसके समर्थकों की भीड़ जुट गई। इस दौरान आसाराम ने गाड़ी से बाहर निकलकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और आशीर्वाद दिया।
दरअसल, बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी थी। कोर्ट ने तत्काल गिरफ्तारी वारंट जारी करने के भी आदेश दिए थे। इसके बाद बुधवार देर शाम वह हरिद्वार से दिल्ली के लिए रवाना हो गया था।
बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट का फैसला आने के समय आसाराम हरिद्वार में मौजूद था। समर्थकों का दावा है कि सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। हालांकि सूत्रों के अनुसार आसाराम पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपील तक मेडिकल आधार पर राहत लेने की कोशिश में था, लेकिन कानूनी सलाह के बाद यह विचार छोड़ दिया गया।
हाईकोर्ट की खंडपीठ में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित ने इस चर्चित मामले में विस्तृत फैसला सुनाते हुए निचली अदालत की ओर से दी गई उम्रकैद की सजा को यथावत रखा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की कैद की दीवारें हैं, लेकिन पीड़िता को मिला मानसिक आघात और आजीवन पीड़ा की कोई सीमा नहीं है। इसी के साथ कोर्ट ने अंतरिम जमानत रद्द कर तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए।













