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LAC पर तनाव के बीच भारत-चीन आमने-सामने, ईस्टर्न सेक्टर में पहली बार होगी कोर कमांडर स्तर की वार्ता

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समाचार-गढ़ 5 सितंबर, 2026।

India-China Border Tension: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के बीच रविवार को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के ईस्टर्न सेक्टर में पहली बार कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता होने जा रही है। दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की यह अहम बैठक वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर प्रस्तावित है।

यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग इलाके में भारत-चीन के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों की मुलाकात को सीमा पर मौजूदा स्थिति का जायजा लेने और तनाव कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया करेंगे भारत का नेतृत्व

वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया करेंगे। वह भारतीय सेना की 3 कॉर्प्स (स्पीयर कॉर्प्स) के कमांडर हैं।

3 कॉर्प्स का मुख्यालय नागालैंड के रंगापहार में है। यह अरुणाचल प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में LAC से जुड़े ऑपरेशनल क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालता है।

ईस्टर्न सेक्टर में पहली बार इस स्तर की सैन्य वार्ता होने के कारण दोनों देशों के बीच होने वाली यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।

पूर्व CDS अनिल चौहान ने चीन को बताया दीर्घकालिक चुनौती

इसी बीच पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारत के लिए चीन को दीर्घकालिक और व्यापक चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है और LAC की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बीच पूरी तरह पारस्परिक सहमति भी नहीं है।

शनिवार को तीन मूर्ति भवन परिसर में ‘भारत की सुरक्षा के लिए खतरे और चुनौतियां’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में जनरल चौहान ने कहा कि भारत-चीन संबंधों को केवल सीमा विवाद के नजरिए से देखना सही नहीं होगा।

सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों जारी

पूर्व CDS के मुताबिक, भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख शक्तियां, बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और प्राचीन सभ्यताओं वाले देश हैं। दोनों देशों के बीच एक तरफ सहयोग है तो दूसरी तरफ प्रतिस्पर्धा भी जारी है। क्षेत्रीय और वैश्विक व्यवस्था को लेकर दोनों के दृष्टिकोण में भी अंतर है।

उन्होंने चीन के साथ संवाद और संपर्क बनाए रखने को जरूरी बताया। उनका कहना है कि सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए सतर्कता, विश्वसनीय सैन्य क्षमताएं, स्पष्ट समझौते और उनका लगातार पालन आवश्यक है।

सीमा विवाद के साथ संवाद भी जरूरी

जनरल चौहान ने कहा कि सीमा विवाद के समाधान के प्रयासों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया भी जारी रहनी चाहिए।

ऐसे समय में जब अरुणाचल प्रदेश के LAC क्षेत्र में तनाव की खबरें सामने आ रही हैं, भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच होने वाली यह पहली ईस्टर्न सेक्टर कोर कमांडर वार्ता सीमा पर स्थिति को संभालने और दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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