दिनांक 03-07-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
गुरु पूर्णिमा आज अवश्य करें ये अचूक उपाय
श्री गणेशाय नमः
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 03/07/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – वर्षा
* अयन- दक्षिणायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- शुक्ल
* तिथि- पूर्णिमा -सायं 17:04 बजे उपरांत प्रतिपदा
* वार- सोमवार
* नक्षत्र -मूल प्रातः 10:57 बजे उपरांत पूर्वाषाढ़
* योग- ब्रह्म सायं 15:40:36 बजे उपरांत ऐन्द्र
- करण- 1. विष्टि (भद्रा)- 06:43:48 A.M. . 2. बव –17:04 P.M. 3. बालव – 27:19 A.M. उपरांत कौलव
चंद्र राशि धनु
चंद्र बल– मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ, मीन
सम्वत् नाम – पिंगल
सूर्योदय -05:49 A.M. सूर्यास्त – 07:26 P.M.
दिनमान – 13:37
रात्रिमान – 10:23 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -12:13:30 बजे से 01:01:30 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक राहुकाल- प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1. प्रातः 07:31:07 से 09:13:15 बजे तक
2. रात्रि 11:19:37 से 12:37:30बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल – पूर्व दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.अमृत- प्रातः 05:49 से 07:31:07 तक
2.काल-प्रातः 07:31:07 से 09:13:15 (कालवेला निषेध)
3.शुभ-प्रातः 09:13:15 से 10:55:22 तक
4.रोग-प्रातः 10:55:22 से 12:37:30 तक
5.उद्वेग- दोपहर 12:37:30 से 02:19:37 तक
6.चंचल- दोपहर 02:19:37 से 04:01:45 तक
7.लाभ- सायं 04:01:45 से 05:43:52 तक (वारवेला निषेध)
8.अमृत-सायं 05:43:52 से 07:26 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.चंचल-रात्रि 07:26 से 08:43:52 तक
2.रोग-रात्रि 08:43:52 से 10:01:45 तक
3.काल-रात्रि 10:01:45 से 11:19:37 तक
4.लाभ-रात्रि 11:19:37 से 12:37:30 तक (काल वेला निषेध)
5.उद्वेग-रात्रि 12:37:30 से 01:55:22 तक
6.शुभ-रात्रि 01:55:22 से 03:13:15 तक
7.अमृत-रात्रि 03:13:15 से 04:31:07 तक
8.चंचल-रात्रि 04:31:07 से 05:49:00 तक
विशेष– गुरु पूर्णिमा
आज गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातः काल नित्य नैमित्तिक कर्म से निवृत्त होकर के अपने गुरु के पास जाकर उनकी चरण वंदना अवश्य करें यदि आपने अपने जीवन में कोई गुरु नहीं बनाया है तो आप भगवान कृष्ण या शंकराचार्य की प्रतिमा का भी पूजन कर सकते हैं। यदि आपकी जन्मकुंडली या गोचर कुंडली में गुरु ग्रह किसी भी प्रकार से पीड़ित हैं तो कृपया आज के दिन किसी ब्राह्मण को पीले वस्त्र,घी,चने की दाल आदि सामग्री दान अवश्य करें।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















