नौतपा ने दिखाए तेवर, बीकानेर में पारा 46 डिग्री पार
अगले 3 दिन भारी, आज 47 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान, रेड अलर्ट जारी
समाचार गढ़, बीकानेर। नौतपा की शुरुआत के साथ ही बीकानेर में भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार 26 मई को शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक 46.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.4 डिग्री ऊपर 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। लगातार बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। बुधवार को तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसे देखते हुए विभाग ने बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शुष्क पश्चिमी हवाओं और आसमान साफ रहने के कारण मई महीने के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
नौतपा के दो दिन गुजरने के बावजूद गर्मी कम होने के बजाय और तीखी होती जा रही है। मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद शहर की मुख्य सड़कें और बाजार लगभग सुनसान नजर आए। रियलिटी चेक में सामने आया कि ठंडे पेय पदार्थों, जूस और तरबूज-खरबूज की दुकानों को छोड़ अधिकांश व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा।
गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
रातें भी बनेंगी परेशानी
दिन के साथ-साथ रातों में भी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इससे लोगों को 24 घंटे गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ेगा।
आफत के बाद राहत की उम्मीद
भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। साथ ही अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के प्रभाव से मौसम में बदलाव शुरू होगा।
30 मई से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होने की संभावना है और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इस दौरान धूल भरी आंधी, बादलवाही और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है। हालांकि विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि राहत मिलने से पहले आने वाले तीन दिन बेहद कठिन रहेंगे, इसलिए लोगों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।













