समाचार गढ़, 19 सितम्बर 2025, श्रीडूंगरगढ़। ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए जयपुर पब्लिक स्कूल (जेपीएस) के कर्मचारी भंवरलाल माहीच ने 20 दिन पहले बरसात में खोई एक थैली उसके असली मालिक तक पहुंचा दी। इस थैली में हजारों रुपए, मोबाइल फोन और दस्तावेज थे।
31 अगस्त को हुई मूसलाधार बरसात के दौरान कालू बास निवासी संदीप पुत्र सीताराम गहलोत, जो फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं, गणेश मंदिर के पास पानी में फंस गए थे। बाइक को धकेलते समय उनकी जेब से एक थैली बह गई। इसमें उन्होंने सावधानीवश रुपए और मोबाइल रख दिए थे ताकि भीगने से बच जाएं, परंतु पानी के तेज बहाव में थैली गुम हो गई। उस शाम कस्बे में 122 मिमी बारिश हुई थी, जिससे पूरा शहर जलमग्न हो गया और कई मकानों में पानी भर गया था।
आज सुबह दूध लेने निकले भंवरलाल माहीच को ताल मैदान के पास मिट्टी में दबा बैग दिखाई दिया। जब उन्होंने थैली खोली तो उसमें 73,410 रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और एक वित्तीय कंपनी से जुड़े कागजात मिले। भंवरलाल ने थैली को अपने पास रखने के बजाय तुरंत जेपीएस स्कूल पहुंचाया।
स्कूल स्टाफ ने मिलकर मालिक की पहचान खोजी। संदीप ने थैली में रखे सामान का सही-सही ब्यौरा देकर यह साबित किया कि वह उन्हीं की है। 20 दिन बाद अपने पूरे रुपए और मोबाइल वापस पाकर संदीप ने भंवरलाल और पूरे जेपीएस परिवार का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्कूल में छात्रों ने भंवरलाल का तिलक कर मिठाई खिलाकर स्वागत किया। विद्यालय के निदेशक कुंभाराम घिंटाला ने कहा कि बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से ईमानदारी का उत्तम उदाहरण देखा है। एमडी चंद्रमुखी घिंटाला ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जेपीएस स्टाफ की सराहना की।











