गणतंत्र दिवस विशेष:-
कैसे मिली भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता
वैदिक साहित्य में, विभिन्न स्थानों पर किए गए उल्लेखों से यह जानकारी मिलती है कि प्राचीन काल में अधिकांश स्थानों पर हमारे यहां गणतंत्रीय व्यवस्था ही थी। कालांतर में उनमें कुछ दोष उत्पन्न और राजनीतिक व्यवस्था का झुकाव राजतंत्र की तरफ होने लगा। ऋग्वेद के एक सूक्त में प्रार्थना की गई है कि समिति की मंत्रणा एकमुख हो, सदस्यों के मत परंपरानुकुल हो और निर्णय भी सर्वसम्मत हों । कुछ स्थानों पर मूलतः राजतंत्र था, जो बाद में गणतंत्र में परिवर्तित हुआ। कुरु और पांचाल जनों में भी पहले राजतंत्रीय व्यवस्था थी और ईसा से लगभग चार या पांच शताब्दी पूर्व उन्होंने गणतंत्रीय व्यवस्था अपनाई।
इसी पर भारत का संविधान आधारित है। गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व, प्रतिवर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था। एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया।
26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था।
सुभाष सिद्ध (बाना) श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर











