श्रद्धा का परिणाम: श्रीडूंगरगढ़ में यज्ञ के कुछ ही देर बाद बरसे बदरा, किसानों में उम्मीद की नई किरण
समाचार गढ़, 9 जुलाई, श्रीडूंगरगढ़।
जब प्रकृति रूठ जाए और आसमान सूना रहे, तब इंसान आस्था की शरण में जाता है। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में भी यही दृश्य बुधवार को जीव दया गौशाला में देखने को मिला, जहां अच्छी बरसात की कामना को लेकर श्रद्धा और वेद मंत्रों की गूंज के बीच विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया — और इस यज्ञ की आहुति के कुछ ही समय बाद कस्बे की फिजाओं में बादल छा गए, फिर जो बूंदें गिरीं, उन्होंने क्षेत्रवासियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।
इस धार्मिक आयोजन में पंडित देवकिशन छंगाणी एवं उनकी वेदपाठी टीम ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्रीकृष्ण और इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए आहुतियां समर्पित कीं। यज्ञ में जीव दया गौशाला के अध्यक्ष ओमप्रकाश राठी और मंत्री शिवरतन सोमाणी सपत्नी मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष नथमल सोनी, सदस्य शिवभगवान मालपानी, रामावतार मूंधड़ा, तुलसीराम चौरडिया, भंवरलाल दुगड़, ओमप्रकाश छंगाणी, संतोष कुमार सोनी, विनोद राठी, शिवरतन बिहाणी, आसकरण बाहेती, नौरंगलाल प्रजापत, संतकुमार मोहता, श्रीगोपाल गौशाला मंत्री जगदीश स्वामी, कालू बास माहेश्वरी भवन मंत्री सुरेश सोमाणी, पार्षद रजत आसोपा सहित अनेक गौभक्त, युवा और मातृशक्ति की विशेष उपस्थिति रही।
सभी ने मिलकर आस्था के दीप जलाए और सूखे बादलों को भिगोने की प्रार्थना की — और ईश्वर ने भी मानो इस सामूहिक श्रद्धा को तुरंत सुन लिया।
बरसात के इंतजार में आंखें नम करने वाले किसानों के लिए यह यज्ञ आशा की एक नई शुरुआत साबित हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह विश्वास मजबूत किया है कि जब भाव शुद्ध हों और आस्था सच्ची, तो प्रकृति भी सुन लेती है।











